पूर्वोत्तर रेलवे:बेहतर एवं द्रुतगामी सुविधा की ओर

पूर्वात्तर रेलवे अपने तीनों मंडलों- इज्जतनगर, वाराणसी एवं लखनऊ के 505 स्टेशनों के माध्यम से यात्रियों को निरंतर सुरक्षित, संरक्षित एवं आरामदायक यात्रा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। 

पूर्वोत्तर रेलवे की आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण एवं कार्यप्रणाली का आधुनिकीकरण कर यात्रियों को बेहतर एवं द्रुतगामी सुविधा देने की ओर निरन्तर अग्रसर हैं।

, पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक

श्री उदय बोरवणकर ने 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कहा कि इस राष्ट्रीय पर्व पर मैं भारतीय रेलवे के 

उन सभी निष्ठावान कर्मियों को नमन करता हूँ, जिनके श्रम से रेल का चक्का निरन्तर चलता रहा है।

आधारभूत संरचना

पूर्वोत्तर रेलवे  पर कुल 64 किमी. दोहरीकरण एवं तीसरी लाइन तथा बहराइच-नेपालगंज रोड खंड के आमान परिवर्तन का कार्य किया गया। पूर्वोत्तर रेलवे, पूर्ण रूप से बड़ी लाइन में परिवर्तित हो गई। एक मात्र मीटर गेज खंड मैलानी-नानपारा को धरोहर के रूप में संरक्षित रखा गया है। 

पूर्वोत्तर रेलवे पर 96 किमी. के रेलपथ खंड की गति बढ़ाकर 110 किमी. प्रति घंटा की गई और अब हमें 130 किमी. प्रति घंटा की गति हेतु कार्य करना है। ट्रेनसेट डिपो, सी.बी.गंज में 08 कार मेमू रेकों को 12 कार मेमू रेकों में परिवर्तित किया गया। यह कार्य पूर्वोत्तर रेलवे पर प्रथम बार सम्पन्न हुआ।

यात्री सुविधा

12 नई ट्रेनों का नियमित संचलन वर्ष 2025 में पूर्वोत्तर रेलवे के विभिन्न स्टेशनों से अथवा पूर्वोत्तर रेलवे से होकर शुरू हुआ, जिसमें 03 वंदे भारत एवं 07 अमृत भारत ट्रेनें शामिल हैं।

पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा पुनर्विकसित 12 अमृत स्टेशनों का उद्घाटन वर्ष 2025 में सम्पन्न हुआ। लखीमपुर, गोमती नगर, गुरसहायगंज, लखनऊ सिटी एवं खलीलाबाद सेट स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। 10 स्टेशनों पर दिव्यांगजन हेतु सुविधायें बढ़ाई गईं। 107 स्टेशनों पर अनारक्षित टिकट वितरण हेतु 211 नये स्मार्ट कार्ड आधारित ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ए.टी.वी.एम.) स्थापित हैं।

प्रयागराज में चल रहे माघ मेला के लिये बड़ी संख्या में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिये व्यापक प्रबन्ध किये गये हैंमहाप्रबन्धक ने कहा कि गर्व की बात है कि लखनऊ सिटी स्टेशन का पूरा संचालन हमारी महिला कर्मियों द्वारा किया जा रहा है। 

संरक्षा सर्वप्रथम

संरक्षित गाड़ी संचलन हेतु ट्रैक के किनारे 208 किमी. में फेंसिंग लगाई गई और यह कार्य प्रगति पर है।  242 किमी. पूर्ण ट्रैक नवीनीकरण, 389 किमी. रेल नवीनीकरण का कार्य सम्पन्न होने के साथ-साथ कुल 11 समपारों को समाप्त किया गया ।

12 लिमिटेड हाइट सब-वे एवं 08 सड़क उपरिगामी पुल (आर.ओ.बी.) का निर्माण पूर्ण किया गया। 15 समपारों की इंटरलॉकिंग का कार्य पूर्ण करने के साथ ही 39 समपारों पर इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर एवं 17 समपारों पर स्लाइडिंग बूम बैरियर का प्रावधान किया गया। 

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