
पश्चिम मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक यानि दस माह में रूपये 7359 करोड़ 15 लाख का कुल प्रारम्भिक राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि (रूपये 6773 करोड़ 31 लाख) की तुलना में 8.65 प्रतिशत अधिक है।
यह राजस्व रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य (7221 करोड़ 52 लाख रूपये) ऑरिजनेटिंग रेवन्यू से लगभग 02 प्रतिशत अधिक है।
पश्चिम मध्य रेलवे ने यात्री यातायात से रुपये 2139 करोड़ 14 लाख, माल यातायात से रुपये 4884 करोड़ 57 लाख, अन्य कोचिंग से रुपये 153 करोड़ 71 लाख एवं विविध आय यानि संड्री से रुपये 181 करोड 72 लाख का राजस्व प्राप्त किया है।
चालू वित्तीय वर्ष के दस माह में जबलपुर मण्डल ने रूपये 4398 करोड़ 39 लाख, भोपाल मण्डल ने 1648 करोड़ 52 लाख एवं कोटा मण्डल ने रूपये 1312 करोड़ 24 लाख का कुल ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया है।
यात्री यातायात के लिए पमरे द्वारा निम्नलिखित प्रयास किये जा रहे हैं:-
स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा हैं।
पमरे से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों की संचालन अवधि को विस्तारित कर चलाया जा रहा हैं।
यात्री ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची को क्लीयर करने के लिए अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं।
पश्चिम मध्य रेल में मिलने वाले प्रायोगिक ठहराव की अवधि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बढ़ाया जा रहा हैं।
माल यातायात के लिए पमरे द्वारा निम्नलिखित प्रयास किये जा रहे हैं:-
माल गोदामों में राउण्ड द क्लॉक यानि चौबीस घंटे लोडिंग एवं अनलोडिंग सेवाएँ शुरू की गईं ।
नए माल गोदामों को विकसित करके उन्नयन कार्य किया जा रहा है।
गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल/ साइडिंग को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किये जा रहे है।
अन्य कोचिंग एवं विविध आय यानि संड्री रेवेन्यू के लिए पमरे द्वारा निम्नलिखित प्रयास किये जा रहे हैं:-
गैर किराया राजस्व (नॉन फेयर रेवेन्यू) में वृद्धि के लिए नवाचारों और नविन अवधारणाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
नई अभिनव गैर किराया राजस्व विचार योजना (निनफ्रीस) निति के तहत नयी-नयी योजनाओं को लागु किया जा रहा है।