पश्चिम रेल : गांधीधाम-आदिपुर चौहरीकरण का संरक्षा निरीक्षण कार्य पूर्ण

पश्चिम रेलवे अहमदाबाद मण्डल के गांधीधाम-आदिपुर (10.69 किमी) रेल सेक्शन के बीच चौहरीकरण (Quadrupling) परियोजना के अंतर्गत तीसरी और चौथी लाइन कार्य पूर्ण हो गया है। 

9 फरवरी 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त (CRS), पश्चिम सर्कल द्वारा संरक्षा निरीक्षण किया गया तथा 10 फरवरी 2026 को 120 किमी प्रति घंटे की गति से स्पीड ट्रायल किया गया।

इस परियोजना के अंतर्गत गांधीधाम–आदिपुर रेलखंड के बीच चौहरीकरण तथा आदिपुर स्टेशन पर ‘वाई’ कनेक्शन देने का महत्वपूर्ण कार्य किया गया है।गुजरात के कच्छ क्षेत्र में बढ़ती रेल मांग को पूरा करने और बंदरगाह आधारित माल यातायात को सुचारु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

परियोजना का महत्व:

गांधीधाम–आदिपुर ब्रॉडगेज रेलखंड एक महत्वपूर्ण माल ढुलाई खंड है। इस मार्ग से कांडला व मुंद्रा बंदरगाह, भुज, वायोर और अन्य क्षेत्रों का आयात–निर्यात माल देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचता है। वर्तमान में यह खंड अत्यधिक व्यस्त है,जिससे परिचालन पर दबाव बना रहता है। इन बाधाओं को कम करने के लिए दो अतिरिक्त लाइनों की आवश्यकता थी।

भुज, वायोर और हाजीपीर क्षेत्रों से नमक और सामान्य माल भी इसी मार्ग से देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता है।

मुंद्रा बंदरगाह की बढ़ती क्षमता को देखते हुए भविष्य में माल यातायात और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में गांधीधाम–आदिपुर के बीच चौहरीकरण से मालगाड़ियों का संचालन बेहतर होगा। कच्छ क्षेत्र के विकास को भी गति देगी।

·यह सेक्शन अहमदाबाद मंडल में सबसे अधिक GMT (Gross Million Tonnes) लोडिंग वाला है। इस क्षेत्र से प्रति वर्ष 70 से अधिक जीएमटी लोडिंग होती हैं। चौहरीकरण (Quadrupling) से इस सेक्शन की लाइन क्षमता में वृद्धि होगी और ट्रेनों की समयपालनता सुधरेगी।

· नवनिर्मित गोपालपुर नये रेलवे स्टेशन से अहमदाबाद की ओर से आने वाली गाड़ियों को भुज जाने के लिए गांधीधाम में जाकर इंजन रिवर्सल करने की आवश्यकता नहीं होगी और जिससे यात्री गाड़ियां का 20 मिनट समय बचेगा।

· आदिपुर स्टेशन पर ‘वाई’ कनेक्शन से ट्रेनों को दिशा बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय और ईंधन की बचत होगी।

· गांधीधाम–आदिपुर खंड बंदरगाहों, उद्योगों और राष्ट्रीय रेल नेटवर्क को जोड़ता है। इस परियोजना से कांडला और मुंद्रा जैसे बंदरगाहों से जुड़े कंटेनर, पेट्रोलियम, उर्वरक, खाद्यान्न और अन्य माल के परिवहन में तेजी आएगी। मालगाड़ियों का टर्नअराउंड समय कम होगा, वैगनों का बेहतर उपयोग होगा और लॉजिस्टिक लागत घटेगी, जिससे उद्योगों को लाभ मिलेगा और निर्यात–आयात को बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना की मुख्य विशेषताएँ:

· ट्रैक लिंकिंग: 17 किलोमीटर

·छोटे ब्रिज : 8

·अर्थवर्क (मिट्टी कार्य): 2.60 लाख घन मीटर

·आदिपुर स्टेशन पर सिग्नल व टेलीकॉम (S&T) एवं ऑपरेटिंग कंट्रोल (OC) बिल्डिंग का निर्माण

·चौथी लाइन सहित समस्त सेक्शन का इलेक्ट्रिफिकेशन

·इस सेक्शन के बीच आने वाले एकमात्र गोपालपुर रेलवे स्टेशन का छायापुरी स्टेशन की तर्ज पर आधुनिक स्टेशन भवन का निर्माण।

·गांधीधाम बी केबिन में प्रमुख यार्ड रीमॉडलिंग कार्य किया गया है, जिसमें 16 नए प्वाइंट्स एवं क्रॉसिंग डाले गए हैं।

·आदिपुर स्टेशन पर भी प्रमुख यार्ड रीमॉडलिंग कार्य किया गया है, जिसमें 21 नए प्वाइंट्स एवं क्रॉसिंग डाले गए हैं, साथ ही 1 लूप लाइन भी शामिल है।

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