
पश्चिम मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के माह जनवरी 2026 में रूपये 859 करोड़ 44 लाख का कुल राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वर्ष की इसी माह (रूपये 796 करोड़ 68 लाख) की तुलना में 7.88 प्रतिशत अधिक है ।
यात्री यातायात से राजस्व रुपये 215 करोड़ 11 लाख, माल यातायात से रुपये 618 करोड़ 06 लाख, अन्य कोचिंग से रुपये 14 करोड़ 29 लाख एवं विविध आय यानि संड्री से रुपये 11 करोड 97 लाख का राजस्व प्राप्त किया है।
जबलपुर मण्डल ने रूपये 516 करोड़ 74 लाख, भोपाल मण्डल ने 213 करोड़ 22 लाख एवं कोटा मण्डल ने रूपये 129 करोड़ 48 लाख का कुल राजस्व अर्जित किया है।
राजस्व वृद्धि के प्रयास
यात्री यातायात के लिए पमरे द्वारा निम्नलिखित प्रयास किये जा रहे हैं:-
- स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा हैं।
- पमरे से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों की संचालन अवधि को विस्तारित कर चलाया जा रहा हैं।
- यात्री ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची को क्लीयर करने के लिए अतिरिक्त कोच लगाए जा रहे हैं।
- पश्चिम मध्य रेल में मिलने वाले प्रायोगिक ठहराव की अवधि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बढ़ाया जा रहा हैं।
माल यातायात के लिए पमरे द्वारा निम्नलिखित प्रयास किये जा रहे हैं:-
- माल गोदामों में राउण्ड द क्लॉक यानि चौबीस घंटे लोडिंग एवं अनलोडिंग सेवाएँ शुरू की गईं ।
- नए माल गोदामों को विकसित करके उन्नयन कार्य किया जा रहा है।
- गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल/ साइडिंग को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किये जा रहे है।
अन्य कोचिंग एवं विविध आय यानि संड्री रेवेन्यू के लिए पमरे द्वारा निम्नलिखित प्रयास किये जा रहे हैं:-
- गैर किराया राजस्व (नॉन फेयर रेवेन्यू) में वृद्धि के लिए नवाचारों और नविन अवधारणाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- नई अभिनव गैर किराया राजस्व विचार योजना (निनफ्रीस) निति के तहत नयी-नयी योजनाओं को लागु किया जा रहा है।