
पश्चिम मध्य रेल के भोपाल एवं कोटा स्थित रेल कारखानों ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के ग्यारह माह में कोचों एवं वैगनों का पीरीयोडिक ओवर हालिंग कार्य का अच्छा प्रदर्शन किया है।
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के ग्यारह माह में सीआरडब्लूएस भोपाल एवं डब्लूआरएस कोटा दोनों कारखानों में कुल 7937 कोचों एवं वैगनों का पीरियोडिक ओवर हॉलिंग किया गया, जिसमें सवारी डिब्बा पुर्ननिर्माण कारखाना भोपाल ने 1148 कोचों का अनुरक्षण किया तथा कोटा वैगन रिपेयर वर्कशॉप ने 6789 वैगनों का अनुरक्षण कार्य किया। इसी अवधि में गतवर्ष की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत अधिक कोचों एवं वैगनों कि मरम्मत की ।
अकेले फरवरी माह की बात करे तो सीआरडब्लूएस/भोपाल एवं डब्लूआरएस/कोटा दोनों कारखानों में कुल 715 कोचों एवं वैगनों का पीरियोडिक ओवर हॉलिंग किया गया, जिसमें सवारी डिब्बा पुर्ननिर्माण कारखाना भोपाल ने 115 कोचों का अनुरक्षण किया तथा कोटा वैगन रिपेयर वर्कशॉप ने 600 वैगनों का अनुरक्षण कार्य किया।
पिरियोडिक ओवर हॉलिंग (पीओएच) के दौरान निम्न कार्य किये जाते हैं :-
- कोच और वैगन के बॉडी और अंडर गियर की मरम्मत की जाती है, जिससे परिचालन में सरंक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- कोचों और वैगनों के नीचे ट्रॉली, बोगी के सभी पार्ट्स की मरम्मत की जाती है, जो सरंक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है।
- एयर ब्रेक सिस्टम के सभी पार्ट एवं वैगनों और कोचों के दोनों ओर के बफ़र की मरम्मत की जाती है जिससे सरंक्षा में बढ़ोत्तरी एवं जर्क फ्री राइडिंग (झटके रहित यात्रा) का अनुभव मिलता है।
- पहियों (व्हील) और धुरी (एक्सल) की मरम्मत एवं रखरखाव किया जाता है, जिससे सुरक्षा में इजाफा होता है।