उमरे आगरा मंडल: छाता–कोसीकलां तीसरी व चौथी लाइन पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू

 उत्तर मध्य रेलवे के आगरा मंडल के 10.2-किमी छाता–कोसीकलां खंड में तीसरी व चौथी लाइन पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली सफलतापूर्वक कमीशन कर दी गई है।

वर्तमान वित्तीय वर्ष में आगरा मंडल के भूतेश्वर–वृंदावन, वृंदावन–अझई, अझई–छाता तथा छाता–कोसीकलां खंडों में तीसरी एवं चौथी लाइनों पर कुल 40 किलोमीटर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली चालू की जा चुकी है।

नई तकनीक के माध्यम से अब ट्रेनें एक-दूसरे के पीछे कम दूरी पर भी सुरक्षित रूप से चलाई जा सकेंगी, जिससे खंड की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और ट्रेनों की समयपालन (पंक्चुअलिटी) में सुधार आएगा।  साथ ही, इस उन्नत प्रणाली से मानवीय त्रुटियों की संभावना में कमी आएगी, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और अधिक सुनिश्चित होगी।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ:

* 10.20 किलोमीटर के खंड में 3 नई रिले हट्स का निर्माण।

* LSC-8A, LSC-9A, LSC-10A, KSV न्यू A कैबिन तथा KSV न्यू B कैबिन पर 5 Hitachi MLK-II सिस्टम की स्थापना।

* CHJ A, CHJ सेंट्रल, CHJ B, KSV A, KSV सेंट्रल, KSV B कैबिन तथा पुरानी LSC-8, LSC-9 एवं LSC-10 पर MLK-II इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में प्रमुख परिवर्तन।

* M/s Frauscher मेक MSDAC (Multi Section Digital Axle Counter) की ड्यूल डिटेक्शन के लिए कमीशनिंग — कुल 54 ट्रैक सेक्शनों हेतु 58 डिटेक्शन प्वाइंट स्थापित।

* KSV A, KSV B एवं KSV सेंट्रल कैबिन पर M/s Eldyne मेक यार्ड MSDAC के VDU रीसेटिंग हेतु इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में आवश्यक संशोधन।

* LSC-8A, LSC-9A एवं LSC-10A पर फायर अलार्म सिस्टम की तैनाती।

* नई इंटीग्रेटेड पावर सप्लाई (IPS) सिस्टम की स्थापना तथा Efftronics मेक डेटालॉगर की तैनाती।

* RDSO स्पेसिफिकेशन एवं नवीनतम TANs के अनुसार रिंग अर्थिंग, पेरिमेट्रिक अर्थिंग, क्लास-A प्रोटेक्शन, ELD, फ्यूज ऑटो चेंजओवर सिस्टम तथा एंटी-थेफ्ट अलार्म की व्यवस्था।

* CHJ–KSV खंड के 3 इंजीनियरिंग LC गेट्स (LC-545, LC-546, LC-547) पर 3rd एवं 4th लाइन के अनुरूप आवश्यक तकनीकी परिवर्तन।

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