
उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल ने टूंडला–पनकी धाम सेक्शन (207 रूट किलोमीटर) पर 130 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए ‘कवच वर्जन 4.0’ का सफलतापूर्वक कमीशनिंग कार्य पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर मध्य रेलवे में चालू किए गए कवच वर्जन 4.0 का कुल दायरा बढ़कर 652 रूट किलोमीटर हो गया है।
कमीशनिंग के दौरान अप दिशा में 12033 कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस तथा डाउन दिशा में 15484 सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस का सफल संचालन किया गया। दोनों ट्रेनें कर्नेक्स (KERNEX) निर्मित कवच प्रणाली से सुसज्जित थीं।
इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता प्रोटोकॉल कन्वर्टर के माध्यम से हिताची इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली के साथ कवच का सफल एकीकरण है। S-TCAS तथा LC-TCAS प्रणाली के माध्यम से यह इंटरफेसिंग दोषरहित ढंग से संपन्न की गई, जो तकनीकी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
परियोजना के अंतर्गत 207 रूट किलोमीटर रेलखंड को कवच प्रणाली से आच्छादित किया गया। इसके लिए 22 S-TCAS एवं 17 LC-TCAS स्टेशनों पर स्थिर कवच प्रणाली स्थापित की गई। साथ ही 10 WAP-7 लोकोमोटिव सफलतापूर्वक कमीशन किए गए, 4,600 से अधिक RFID टैग लगाए गए, 17 नए 40 मीटर ऊंचे टावर स्थापित किए गए, 48-कोर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई तथा 30 कवच कक्ष विकसित किए गए।
कवच प्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए आरडीएसओ, उत्तर मध्य रेलवे तथा ISA Italcertifier द्वारा व्यापक परीक्षण किए गए। इसके अंतर्गत 10,000 किलोमीटर से अधिक का No-BIU परीक्षण, 190 से अधिक SPAD रोकथाम एवं लूप लाइन गति नियंत्रण परीक्षण, आमने-सामने तथा पीछे से होने वाली संभावित टक्करों की रोकथाम संबंधी परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। इसके अतिरिक्त वंदे भारत, शताब्दी, श्रमशक्ति एक्सप्रेस, WAP-7, WAP-5, लाइट इंजन तथा विभिन्न LHB रेक संयोजनों पर भी प्रणाली का सफल परीक्षण किया गया।