
दिनांक 26.06.2026 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भिलाई एक्सचेंज यार्ड में व्यापक सिगनलिंग एवं आधारभूत संरचना उन्नयन कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस परियोजना के अंतर्गत यार्ड में दो नई लाइनें चालू की गई हैं एवं दो अन्य लाइनों को इंटरलॉक किया गया है , जिन्हें आधुनिक सिगनलिंग प्रणाली तथा ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) से पूर्णतः सुसज्जित किया गया है।
भिलाई एक्सचेंज यार्ड दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण एवं व्यस्त माल यार्डों में से एक है, जहां 544 रूट्स के विशाल नेटवर्क का संचालन होता है। इस उन्नयन के तहत यार्ड के रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई) में आवश्यक संशोधन कर नई लाइनों एवं क्रॉसओवरों को आधुनिक प्रणाली से जोड़ा गया है।
परियोजना के अंतर्गत एल्डाइन के मल्टी-सेक्शन डिजिटल एक्सेल काउंटर प्रणाली के 14 डिजिटल एक्सेल काउंटर स्थापित किए गए हैं तथा 5 क्रॉसओवरों को इंटरलॉक किया गया है, जिससे ट्रेनों की संरक्षित एवं निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी।
नई लाइनें अत्याधुनिक एंट्री-एग्जिट सिग्नलिंग सिस्टम एवं पूर्ण ओएचई सुविधा से सुसज्जित हैं, जिससे इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के माध्यम से निर्बाध शंटिंग संचालन संभव होगा तथा मालगाड़ियों के टर्नअराउंड समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
इस परियोजना के अंतर्गत यार्ड में एंड अनलोडिंग रेक्स के निरीक्षण, मरम्मत एवं रखरखाव के लिए समर्पित सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। विशेष रूप से नई लाइनों ,लाइन संख्या 18 एवं 19 को रखरखाव कार्यों के लिए विकसित किया गया है। चौबीसों घंटे रखरखाव सुनिश्चित करने हेतु 6 हेवी-ड्यूटी वेल्डिंग प्लांट एवं 30 वेल्डिंग टर्मिनल स्थापित किए गए हैं, जिससे किसी भी स्थान पर खड़े वैगन पर तत्काल मरम्मत कार्य किया जा सकेगा।
इस नई व्यवस्था से छोटी एवं मध्यम श्रेणी की मरम्मत अब सीधे रेक पर ही की जा सकेगी, जिससे अनावश्यक शंटिंग की आवश्यकता कम होगी और वैगनों की उपलब्धता बढ़ेगी। साथ ही, लाइनों के बीच विकसित चौड़े कंक्रीट पथ के माध्यम से भारी मशीनरी एवं सामग्री को सीधे रेक तक आसानी से पहुंचाया जा सकेगा, जिससे रखरखाव कार्य और अधिक तेज एवं प्रभावी होगा।
इसके अतिरिक्त, अधिक यातायात अथवा परिचालन संबंधी आपात स्थिति के दौरान यार्ड में ही खराब (सिक) वैगनों को अलग रखकर उनकी मरम्मत करने की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे मुख्य लाइन पर परिचालन बाधित होने की संभावना कम होगी।
भिलाई एक्सचेंज यार्ड में 2 नई लाइनों के चालू एवं दो अन्य लाइनों का इंटरलॉकिंग कार्य पूर्ण होने से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की माल ढुलाई क्षमता, परिचालन दक्षता तथा रोलिंग स्टॉक के रखरखाव में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।