
उत्तर मध्य रेलवे, झांसी मंडल के झांसी–मानिकपुर दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत खुरहंड–अतर्रा–बदौसा रेल खंड का दो दिवसीय निरीक्षण, रेल संरक्षा आयुक्त (उत्तर-पूर्व परिमंडल) श्री प्रणजीव सक्सेना द्वारा दिनांक 22.07.2025 एवं दिनांक 23.07.2025 को किया गया ।
दिनांक 22.07.2025
निरीक्षण के पहले दिन सर्वप्रथम बदौसा स्टेशन के स्टेशन रूम एवं रिले रूम का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। इस अवसर पर रेल संरक्षा आयुक्त ने इंटरलॉकिंग व्यवस्था, सिग्नलिंग प्रणाली, संरक्षा मानकों तथा परिचालन व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन करते हुए विभिन्न तकनीकी पहलुओं का बारीकी से मूल्यांकन किया।
इसके बाद अधिकारियों ने बदौसा–अतर्रा रेल खंड का मोटर ट्रॉली के माध्यम से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नवनिर्मित ट्रैक, रेल पुलों, समपार फाटकों एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं का गहन परीक्षण करते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता, संरक्षा मानकों तथा परिचालन तैयारियों का सूक्ष्म आंकलन किया गया।
तदोपरांत रेल संरक्षा आयुक्त ने अतर्रा स्टेशन का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान स्टेशन की संरक्षा व्यवस्थाओं, स्टेशन मास्टर कक्ष, सिग्नलिंग प्रणाली तथा परिचालन तैयारियों का गहन परीक्षण किया गया।
साथ ही विभिन्न तकनीकी एवं संरक्षा संबंधी पहलुओं का सूक्ष्म मूल्यांकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के पहले दिन, 14 किलोमीटर ट्रैक का निरीक्षण किया गया ।
दिनांक 23.07.2025
निरीक्षण के दुसरे दिन रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा गेट संख्या 472 से खुरहंड स्टेशन के मध्य रेल खंड का विस्तृत संरक्षा निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान रेल पथ, संरक्षा व्यवस्थाओं तथा रेल अवसंरचना का बारीकी से परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान खंड में स्थित माइनर एवं मेजर ब्रिज का गहन निरीक्षण तथा पिलर में प्रयोग किये गए मटेरियल आदि की गुणवत्ता परख की गयी । इस दौरान पुलों की संरचनात्मक स्थिति, सुरक्षा मानकों एवं रखरखाव कार्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया।
इसके उपरांत रेल संरक्षा आयुक्त खुरहंड स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने स्टेशन भवन, स्टेशन मास्टर कक्ष, मेंटेनेंस रूम, आईपीएस (IPS) रूम तथा रिले रूम का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपलब्ध संरक्षा उपकरणों, सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणालियों तथा अनुरक्षण व्यवस्था का विस्तृत अवलोकन किया गया तथा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई।
सभी संरक्षा मानकों से पूर्णतः संतुष्ट होने के उपरान्त नव दोहरीकृत एवं विद्युतिकृत रेल खंड पर 120 किलीमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से स्पीड ट्रायल किया गया ।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने तथा अनुरक्षण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप निरंतर संचालित करने के निर्देश दिए गए।
उल्लेखनीय है की, रेल संरक्षा आयुक्त और प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर के द्वारा अधिकृत किये जाने के उपरान्त शाम से उक्त रेलखंड पर सञ्चालन प्रारम्भ कर दिया गया।
इस अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) श्री अजीत सिंह यादव एवं झांसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार उपस्थित रहे।
खुरहंड–अतर्रा–बदौसा रेल खंड का दोहरीकरण पूर्ण होने से इस रेल मार्ग पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे रेल परिचालन अधिक सुरक्षित, सुचारु एवं समयबद्ध होगा तथा यात्रियों और माल परिवहन को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।