उपरे अजमेर मंडल :  रेलवे संरक्षा आयुक्त द्वारा लावा सरदारगढ़ – नाथद्वारा नए ब्रॉड गेज रेलखंड निर्माण एवं विद्युतीकरण का निरीक्षण

रेल संरक्षा आयुक्त (Commissioner of Railway Safety – CRS) पश्चिम सर्कल मुंबई, श्री ई. श्रीनिवास द्वारा लावा सरदारगढ़ (शामिल) से नाथद्वारा (रहित) तक के 42.64 किमी लंबे नए ब्रॉडगेज (बड़ी लाइन) रेलखंड का संरक्षा निरीक्षण दिनांक 30/07/2026 एवं  31/07/2026 को पूर्ण कर लिया गया ।

यह रेलखंड उत्तर पश्चिम रेलवे,अजमेर मंडल के देवगढ़ मदारिया – नाथद्वारा गेज परिवर्तन (Gauge Conversion) परियोजना का भाग है। इस खंड पर यात्री रेल यातायात (Passenger Traffic) शुरू करने से पूर्व संरक्षा एवं सुरक्षा मानकों की जांच हेतु  रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा संरक्षा निरीक्षण किया गया।

साथ ही, इस नए ब्रॉडगेज खंड पर 121 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक किया गया।

परियोजना के मुख्य बिंदु एवं तकनीकी विशेषताएं:

परियोजना की लागत और जुड़ाव:  

यह रेलखंड मारवाड़ – मावली (151 किमी) गेज परिवर्तन परियोजना का प्रमुख हिस्सा है। इसे वर्ष 2017-18 में स्वीकृत किया गया था और 968.92 करोड़ रुपये की स्वीकृत विस्तृत लागत (Detailed Estimate) से तैयार किया गया है।

 गेज परिवर्तन के पश्चात यह क्षेत्र राजस्थान, गुजरात तथा उत्तर भारत के प्रमुख रेल नेटवर्क से सीधे ब्रॉडगेज लाइन द्वारा जुड़ जाएगा।

 रेलखंड एवं ट्रैक संरचना (Permanent Way): रेलखंड की कुल लंबाई 42.64 किलोमीटर (किमी 92.100 से किमी 134.740) है।

 संपूर्ण मुख्य लाइन में आधुनिक मानकों के अनुसार 60 किलोग्राम (R-260) की नई रेलें (LWR/SWR) और 350 मिमी बैलास्ट कुशन के साथ 1660 प्रति किमी स्लीपर डेंसिटी वाले पीएससी स्लीपर बिछाए गए हैं।

रेल जोड़ों को मजबूत करने के लिए मुख्य रूप से फ्लैश बट वेल्डिंग (Flash Butt Welding) तकनीक का उपयोग किया गया है।

पुल (Bridges) एवं संरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर:

इस रेलखंड पर 1 महत्वपूर्ण पुल (Important Bridge) (18.3 मीटर के 24 स्पैन, कुल लंबाई 439.20 मीटर), 5 प्रमुख पुल (Major Bridges) और 80 छोटे पुल (Minor Bridges) निर्मित किए गए हैं। सभी पुलों को 25-टन (2008) लोडिंग मानक के अनुसार अत्याधुनिक तकनीकों से डिजाइन किया गया है।

समपार फाटकों (Level Crossings) को समाप्त कर यात्रियों और सड़क यातायात की सुरक्षा हेतु 35 सीमित ऊंचाई के सब-वे (LHS), 2 सब-वे (RUB) तथा 2 रोड ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण किया गया है। केवल 3 समपार फाटकों को इंटरलॉक्ड एवं मानवयुक्त (Manned) के रूप में बनाए रखा गया है।

आधुनिक सिग्नलिंग एवं दूरसंचार प्रणाली:

खंड के सभी 04 ब्लॉक स्टेशनों (नाथद्वारा, कांकरोली, कुंवारिया और लावा सरदारगढ़) पर Standard-III इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) तथा मल्टी एस्पेक्ट कलर लाइट सिग्नलिंग (MACLS) प्रणाली स्थापित की गई है।

ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन हेतु ‘हॉट स्टैंडबाय’ तकनीक के साथ डुअल वीडीयू (VDU) और डिजिटल एक्सल काउंटर (Dual-SSDAC) आधारित एब्सोल्यूट ब्लॉक वर्किंग की व्यवस्था की गई है। आपातकालीन संचार हेतु पूरे 42.64 किमी खंड में 6-क्वाड केबल एवं 4×48 फाइबर ऑप्टिक केबल (OFC) बिछाई गई है।

 स्टेशन एवं यात्री सुविधाएं (Passenger Amenities):

लावा सरदारगढ़, कांकरोली एवं कुंवारिया – ये तीन-लाइन क्रॉसिंग स्टेशन हैं, जहाँ 580 से 600 मीटर लंबे उच्च स्तरीय (High Level) पैसेंजर प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म शेल्टर, आधुनिक प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, और सुरक्षित आवागमन हेतु सब-वे / फुट ओवर ब्रिज (FOB) प्रदान किए गए हैं।

सोनियाणा मेवाड़ एवं बेजनाल- ये नए ब्रॉडगेज हॉल्ट स्टेशन के रूप में विकसित किए गए हैं, जहाँ नए स्टेशन भवन, बुकिंग कक्ष, 400 मीटर से अधिक लंबे उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म और शेल्टर तैयार किए गए हैं। सभी स्टेशनों एवं परिसर में शत-प्रतिशत ऊर्जा कुशल LED लाइट्स और जीपीएस घड़ियां लगाई गई हैं।

क्षेत्रीय विकास में मील का पत्थर:

यह नया ब्रॉडगेज रेलखंड दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के आदिवासी बहुल क्षेत्रों और अरावली पर्वतमाला से सटे क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देगा। साथ ही, प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल नाथद्वारा आने वाले तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों को यह रेल सेवा कनेक्टिविटी का एक सुगम माध्यम देगा ।

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