
पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल के कुरवाई कैथोरा–बीना रेलखंड में 15 अक्टूबर 2026 को ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग (ABS) प्रणाली सफलतापूर्वक शुरू की गई।
इस रेलखंड में 9.130 रूट किलोमीटर लंबाई में तीन लाइनों की व्यवस्था है, जिसमें मध्य लाइन पर दोनों दिशाओं में रेल परिचालन किया जा सकता है।यह 18.26 समतुल्य डबल लाइन किलोमीटर के बराबर है। यहां LOM110 मॉड्यूल आधारित ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित की गई है। स्टेशन मास्टर कक्ष में VDU (विजुअल डिस्प्ले यूनिट) के माध्यम से सिग्नलिंग प्रणाली के संचालन एवं निगरानी की व्यवस्था की गई है।
इस प्रणाली के अंतर्गत 24-फाइबर ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क, 48-फाइबर ऑप्टिकल फाइबर केबल, डिजिटल एक्सल काउंटर तथा अन्य आवश्यक उपकरण स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सिग्नलिंग उपकरणों के लिए विद्युत आपूर्ति एवं निगरानी की आधुनिक व्यवस्था भी की गई है।
ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
बेहतर रेल परिचालन: आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था से रेल परिचालन को अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा एवं विश्वसनीयता में सुधार: आधुनिक उपकरणों और सिग्नलिंग तकनीक से परिचालन की विश्वसनीयता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।तेज डेटा संचार: ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क से सिग्नलिंग उपकरणों के बीच विश्वसनीय संचार सुविधा उपलब्ध होगी।
आधुनिक संचार तकनीक का उपयोग: उन्नत तकनीक से सिग्नलिंग उपकरणों के बीच संचार अधिक प्रभावी होगा तथा रखरखाव को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों के लिए उपयोगी: ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क कवच जैसी आधुनिक रेल सुरक्षा प्रणालियों तथा उन्नत यात्री सूचना प्रणालियों के लिए आवश्यक डेटा संचार में सहायक होगा।
लागत प्रभावशीलता: आधुनिक संचार एवं सिग्नलिंग व्यवस्था से परिचालन और रखरखाव को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। यह आधुनिक संचार नेटवर्क भविष्य में ‘कवच’ जैसी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणालियों तथा उन्नत यात्री सूचना प्रणालियों के लिए भी उपयोगी आधार उपलब्ध कराएगा।
इस प्रणाली की शुरुआत से रेल परिचालन अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय एवं कुशल होगा ।