पमरे: रामगंज मंडी –भोपाल रेल लाइन के खिलचीपुर–राजगढ़ सिटी खंड का सफल सीआरएस निरीक्षण

दिनांक 18.03.2026 को रेल संरक्षा आयुक्त, मध्य परिमंडल श्री गुरु प्रकाश द्वारा पश्चिम मध्य रेल, कोटा मंडल के अंतर्गत आने वाले 276- किमी रामगंज मंडी–भोपाल नई रेल लाइन परियोजना के खिलचीपुर–राजगढ़ सिटी (17.8 किमी) खंड का विस्तृत सुरक्षा निरीक्षण किया गया। इस दौरान 130 किमी प्रतिघंटा की अधिकतम गति से सफल स्पीड ट्रायल भी सम्पन्न हुआ, जो इस खंड पर यात्री सेवा शुरू होने की दिशा में एक निर्णायक प्रगति है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि 276 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में रामगंज मंडी से ब्यावरा तक लगभग 165 किलोमीटर का भाग कोटा मंडल के अंतर्गत आता है। मंडल द्वारा निर्माण कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाते हुए रामगंज मंडी से खिलचीपुर तक ट्रैक बिछाने सहित अधिकांश अवसंरचना कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 

इससे पूर्व फरवरी 2025 में नयागाँवपुरा कुमार–खिलचीपुर तथा जुलाई 2025 में जरखेड़ा–शामपुर खंड का सफल सीआरएस निरीक्षण सम्पन्न हो चुका है। वर्तमान निरीक्षण इस परियोजना को यात्री सेवा के और करीब ले जाने वाला अहम पड़ाव सिद्ध हुआ है।

निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त ने ट्रैक की गुणवत्ता, स्थिरता एवं सीधी-रेखीयता की सूक्ष्म जाँच की। इसके साथ ही पुलों, लेवल क्रॉसिंग, अंडरपास, सिग्नलिंग एवं दूरसंचार प्रणालियों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया। खिलचीपुर एवं राजगढ़ सिटी स्टेशन यार्ड का विधिवत निरीक्षण करते हुए मोटर ट्रॉली द्वारा ट्रैक का विस्तृत परीक्षण भी किया गया।

यह नई रेल लाइन कोटा, झालावाड़, राजगढ़, सीहोर और भोपाल सहित पाँच जिलों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। 

वर्तमान में भोपाल–कोटा के बीच रेल यात्रा नागदा–उज्जैन अथवा बीना मार्ग से होती है, जिससे दूरी और समय दोनों अधिक लगते हैं। नई लाइन के प्रारंभ होने पर दूरी में लगभग 100 किलोमीटर की कमी आएगी और यात्रा समय में 2 से 3 घंटे की बचत होगी। 

साथ ही झालावाड़ स्थित कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट तक कोयला परिवहन मार्ग भी लगभग 42 किलोमीटर छोटा हो जाएगा, जिससे माल ढुलाई लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।

इस परियोजना के पूर्ण होने से हाड़ौती क्षेत्र के कोटा, झालावाड़ एवं रामगंज मंडी के यात्रियों को भोपाल एवं मालवा क्षेत्र के लिए सीधी रेल सुविधा उपलब्ध होगी। रामगंज मंडी, झालरापाटन, असनावर, अकलेरा, घाटोली, भोजपुर एवं खिलचीपुर जैसे स्टेशनों से गुजरने वाली यह लाइन ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी, जिससे रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा एवं व्यापार के लिए आवागमन अधिक सुगम होगा।

निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त मध्य परिमंडल श्री गुरु प्रकाश, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) श्री एम.एस. हाशमी, मंडल रेल प्रबंधक कोटा श्री अनिल कालरा, मुख्य परियोजना प्रबंधक श्री पंकज सोइन, एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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