परेअहमदाबाद मंडल : कटोसण रोड–रणुज रेलखंड पर यात्री रेल सेवाओं के संचालन हेतु रेलवे संरक्षा आयुक्त की स्वीकृति

रेलवे संरक्षा आयुक्त (पश्चिमी परिमंडल) श्री ई. श्रीनिवास ने पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के अंतर्गत कटोसण रोड–रणुज ब्रॉड गेज एकल रेलखंड पर यात्री रेल सेवाओं के संचालन को संरक्षा स्वीकृति प्रदान कर दी है।

यह नव परिवर्तित ब्रॉड गेज रेलखंड कटोसण रोड–रणुज गेज परिवर्तन परियोजना (मीटर गेज से ब्रॉड गेज) का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई 62.748 किलोमीटर (कि.मी. 0.817 से कि.मी. 63.565 तक) है।

अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) श्री वेद प्रकाश ने कहा, “कटोसण रोड–रणुज ब्रॉड गेज रेलखंड को रेलवे संरक्षा आयुक्त से यात्री सेवाओं के संचालन की स्वीकृति मिलना अहमदाबाद मंडल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह परियोजना क्षेत्र के लाखों यात्रियों, विशेष रूप से बेचराजी, संखलपुर तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए सुरक्षित, तेज़ और सुविधाजनक रेल यात्रा का नया अध्याय प्रारंभ करेगी। बहुत जल्द इस रेलखंड पर नियमित यात्री रेल सेवाएँ प्रारंभ होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी, पर्यटन, व्यापार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।”

रेलवे संरक्षा आयुक्त द्वारा इस रेलखंड का 9, 10 एवं 11 जुलाई 2026 को विस्तृत वैधानिक संरक्षा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान डब्ल्यूएपी-7 विद्युत रेल इंजन के साथ गति परीक्षण किया गया, जिसमें ट्रेन ने 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति सफलतापूर्वक प्राप्त की।

निरीक्षण, रेलवे प्रशासन द्वारा प्रस्तुत संरक्षा प्रमाणपत्रों तथा रेलवे अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के अनुरूप सभी आवश्यक औपचारिकताओं के संतोषजनक पाए जाने के बाद रेलवे संरक्षा आयुक्त ने इस रेलखंड पर सार्वजनिक यात्री सेवाओं के संचालन की अनुमति प्रदान की है।

स्वीकृति के अनुसार मुख्य रेललाइन पर ट्रेनों का अधिकतम सेक्शनल स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित किया गया है। समपार फाटक संख्या 99A पर अस्थायी रूप से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तथा लूप लाइनों पर 15 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा लागू रहेगी।

संरक्षा स्वीकृति विभिन्न तकनीकी एवं परिचालन संबंधी शर्तों के अधीन प्रदान की गई है। इनमें नागरिक अभियांत्रिकी, सिग्नल एवं दूरसंचार, विद्युत तथा यात्री सुविधाओं से संबंधित निर्धारित कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करना, पर्याप्त अनुरक्षण स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करना तथा सभी निर्धारित संरक्षा उपायों का अनुपालन करना शामिल है।

रेलवे संरक्षा आयुक्त ने भविष्य में निर्धारित सभी शर्तों का सफलतापूर्वक पालन, ट्रैक के संतोषजनक प्रदर्शन तथा प्रधान मुख्य अभियंता के प्रमाणन के उपरांत इस रेलखंड की सेक्शनल गति को 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाने की भी अनुमति प्रदान की है।

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