
पश्चिम रेलवे, भावनगर मंडल से ढसा–राजुला तथा राजुला–पीपावाव रेलखंड के पाँच संवेदनशील स्थलों एशियाई शेरों तथा वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही हेतु विशेष अंडरपासों का निर्माण कर रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य एशियाई शेरों तथा अन्य वन्यजीवों एवं रेल परिचालन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए “शून्य दुर्घटना” (Zero Accident) के लक्ष्य को प्राप्त करना है।
इन पाँच संवेदनशील स्थलों की पहचान राज्य सरकार, वन विभाग एवं रेलवे प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से किया गया है। गिर एवं आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों के प्रथम अंडरपास का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। विश्व में एशियाई शेरों का एकमात्र प्राकृतिक आवास गिर एवं उसके आसपास का क्षेत्र है।
लगभग 9.42 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित की जा रही इस परियोजना में अब तक उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। ढसा–राजुला रेलखंड के किलोमीटर 53/14-15 एवं किलोमीटर 16/9-10 पर अंडरपास बॉक्स का निर्माण भी सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। शेष तीन स्थलों पर निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।