
उत्तर मध्य रेलवे, झाँसी मंडल के झाँसी–बीना तीसरी लाइन परियोजना के अंतर्गत, जाखलौन–धौर्रा रेलखंड का संरक्षा निरीक्षण एवं 100 किमी /घंटा की गति से सफल स्पीड ट्रायल रेल संरक्षा आयुक्त श्री प्रणजीव सक्सेना के निर्देशन में दिनांक 30.03.2026 को सम्पन्न हुआ।
जाखलौन–धौर्रा रेलखंड लगभग 12.146 किमी लंबा है, जिसका निर्माण कार्य 6 माह में पूर्ण किया गया। इस रेलखंड की सफल कमीशनिंग के साथ हेतमपुर-बीना तीसरी लाइन का कार्य पूर्ण हो जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जाखलौन स्टेशन परिसर, OFC रूम, ASM रूम, रिले रूम, LC गेट, ट्रैक एवं अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं का गहन अवलोकन किया गया। सभी सुरक्षा मानकों का सूक्ष्म परीक्षण कर रेल संचालन को और अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने की दिशा में आवश्यक निर्देश दिए गए।
ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सुनिश्चित
इस परियोजना के अंतर्गत कार्य करते समय ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई। बिलमोरी (चांदपुर) स्थित प्राचीन बेलमणि जैन मंदिर सहित आसपास के अन्य धरोहर स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु ट्रैक निर्माण में आधुनिक पैडिंग तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे कंपन में कमी आती है और संरचनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
इस कार्य के लिए भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (ASI) से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर सभी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन किया गया। निरीक्षण के दौरान सीएसआईआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नसीम अख्तर भी उपस्थित रहे, जिन्होंने तकनीकी पहलुओं का अवलोकन किया।
ट्रेनों की गति में वृद्धि
जाखलौन –धौर्रा रेलखंड कमीशनिंग से रेल यातायात की क्षमता एवं ट्रेनों की गति में वृद्धि होगी।इसके परिणामस्वरूप समयपालन में सुधार तथा यात्रियों एवं माल परिवहन दोनों के लिए अधिक सुरक्षित, तेज एवं सुगम रेल सेवा उपलब्ध हो सकेगी।
इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी /निर्माण श्री राज कुमार वानखेड़े तथा मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।