उपरे: दूधवाखारा-सादुलपुर दोहरीकरण कार्य का संरक्षा निरीक्षण पूर्ण

उत्तर पश्चिम रेलवे के दूधवाखारा-सादुलपुर (30 किमी) रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है।

रेल संरक्षा आयुक्त (पश्चिमी परिमंडल) श्री ई. श्रीनिवास  द्वारा दिनांक 28.04.2026 को इस रेलखड़ को रेल संचालन के लिए अनुमोदित किया गया है।रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा दूधवाखारा–डोकवा खंड पर दोहरीकृत रेलमार्ग का स्वचालित ट्रॉली से निरीक्षण किया गया।

इस दोहरीकरण कार्य के साथ ऑटोमैटिक सिग्नलिंग और विद्युतीकरण कार्य भी सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए है। इसके साथ ही 58 किलोमीटर लंबे चूरू-सादुलपुर खंड का संपूर्ण दोहरीकरण कार्य, ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग और विद्युतीकरण कार्य सहित, मात्र 2 वर्ष 3 महीने में पूरा कर लिया गया है।

दूधवाखारा – सादुलपुर (30 किलोमीटर) रेलखंड के दोहरीकरण कार्य पूर्ण होने के साथ ही चूरू-सादुलपुर (58 किलोमीटर) रेल मार्ग पूरी तरह दोहरीकृत हो गया है। इस दोहरीकरण परियोजना के अंतर्गत पांच स्टेशनों पर हाई लेवल प्लेटफॉर्म तथा 3 सब-वे का भी निर्माण किया गया है। इस रेलमार्ग पर ट्रैक को 130 किमी प्रति घंटे की गति क्षमता के अनुसार तैयार किया गया है।

चूरू-सादुलपुर (58 किलोमीटर) रेलमार्ग के दोहरीकरण का कार्य 2023-24 में 469 करोड़ रूपए की लागत के साथ स्वीकृत किया गया था ।इस मार्ग के दोहरीकरण से लाइन केपसिटी और मोबिलिटी में वृद्वि होगी एवं परिचालन और अधिक सुगम होगा।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version