पूमरे सोनपुर मंडल ने तत्काल टिकट हेतु “क्यू-मित्र” लागू किया

पूर्व मध्य रेल, सोनपुर मंडल ने तत्काल टिकट व्यवस्था में एक अभिनव डिजिटल पहल “क्यू-मित्र” को सफलतापूर्वक लागू किया है। यह पहल केवल एक तकनीकी समाधान नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही कतार, अव्यवस्था और असंतोष की समस्याओं का स्थायी, पारदर्शी और मानवीय समाधान है।

समस्या से समाधान तक—एक परिवर्तनकारी यात्रा

तत्काल टिकट के दौरान मैनुअल कतार प्रबंधन में धांधली, प्राथमिकता को लेकर विवाद, भीड़भाड़ और “पहले आओ-पहले पाओ” सिद्धांत के उल्लंघन जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इन चुनौतियों ने न केवल यात्रियों को असुविधा दी, बल्कि कर्मचारियों पर भी अनावश्यक दबाव बढ़ाया।
इन समस्याओं के समाधान हेतु सोनपुर मंडल ने मानव-रहित, छेड़छाड़-रोधी और पूरी तरह स्वचालित प्रणाली क्यू-मित्र को अपनाया—जो निष्पक्षता का भरोसा और पारदर्शिता की गारंटी देता है।

क्यू-मित्र कैसे बदलता है अनुभव

क्यू-मित्र एक स्व-सेवा, कियोस्क-आधारित डिजिटल कतार प्रबंधन प्रणाली है, जिसमें:
• यात्री स्वयं टोकन उत्पन्न करते हैं—किसी कर्मचारी की भूमिका नहीं।
• आधार आधारित सत्यापन और चेहरे की पहचान से अद्वितीय पहचान सुनिश्चित।
• पेपर टोकन पर यात्री का फोटो, आधार के अंतिम चार अंक, टोकन संख्या और समय स्पष्ट रूप से अंकित।
• डिजिटल डिस्प्ले पर लाइव कतार स्थिति और Now Serving की जानकारी।
• कियोस्क यात्रियों को हिंदी ऑडियो-विजुअल निर्देशों से मार्गदर्शन करता है। कैमरे द्वारा चेहरा कैप्चर होते ही आधार स्कैन किया जाता है और एआई-सक्षम प्रणाली तत्काल टोकन जारी कर देती है।
• तत्काल काउंटर खुलने से 30 मिनट पूर्व कर्मचारी फोटो और आधार मिलान से सत्यापन करते हैं, जिसके बाद नियमों के अनुरूप टिकट जारी किए जाते हैं।

प्रमुख विशेषताएँ—विश्वास की मजबूत नींव

 कड़ा नियंत्रण: एक आधार से प्रतिदिन केवल एक टोकन; चेहरे की पहचान से दुरुपयोग पर रोक।
 समर्पित समय: – एसी तत्काल – सुबह 10:00 बजे  तथा नॉन-एसी तत्काल – सुबह 11:00 बजे
 बहुभाषी इंटरफ़ेस: हिंदी एवं अंग्रेज़ी।
 ऑफ़लाइन क्षमता: नेटवर्क बाधा में भी निर्बाध संचालन, बाद में स्वतः सिंक।
 स्टाफ डैशबोर्ड: कर्मचारी केवल टोकन कॉल कर सकते हैं; क्रम परिवर्तन असंभव।
 डेटा सुरक्षा: तीन माह तक स्थानीय डेटा संग्रह; पाँच दिन में बार-बार एक ही आधार/चेहरे के उपयोग पर स्वतः अलर्ट।

उपलब्धियाँ—जमीन पर दिखता असर

 कतार में धांधली का पूर्ण उन्मूलन।
 पारदर्शी, सत्यापन-योग्य और विवाद-मुक्त तत्काल टिकट प्रक्रिया।
 भीड़भाड़ और विवादों में उल्लेखनीय कमी।
 यात्रियों का विश्वास बढ़ा, कर्मचारियों को निराधार आरोपों से सुरक्षा।

Related Posts

Got something to say? Post a comment!Cancel reply

Exit mobile version
%%footer%%