
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर स्थित वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो में दिनांक 31.10.2026 को 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेनसेट के परीक्षण एवं रखरखाव की शुरुआत की गई।
इस डिपो में ट्रेन संख्या 20825/20826 बिलासपुर–नागपुर–बिलासपुर वंदे भारत एक्सप्रेस की मेंटेनेंस प्रक्रिया प्रारंभ होने के साथ ही डिपो के विकास के प्रथम चरण का संचालन शुरू हो गया है। डिपो का विकास वंदे भारत ट्रेनसेट के रखरखाव के लिए नवीनतम डिजाइन पर आधारित आधुनिक मशीनों, उपकरणों एवं तकनीकी सुविधाओं के साथ किया जा रहा है।
बिलासपुर वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो देश में वंदे भारत ट्रेनसेट के रखरखाव के लिए विकसित चौथा डिपो है। यहां स्थापित रिट्रैक्टेबल ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) प्रणाली इसकी प्रमुख विशेषताओं में से एक है। यह प्रणाली छत पर किए जाने वाले रखरखाव कार्यों के दौरान ओवरहेड विद्युत तारों को आवश्यकतानुसार हटाने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे संरक्षित एवं निर्बाध रूप से कार्य किया जा सके।
डिपो में 423 मीटर लंबी पूर्णतः कवर्ड इंस्पेक्शन बे लाइन (आईबीएल) उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, चार टायरों की जांच के लिए विशेष निरीक्षण प्रणाली, ट्रेनसेट के निचले हिस्से की जांच हेतु सेंटर पिट लाइन, कोचों के पार्श्व हिस्सों के निरीक्षण के लिए फ्लोर-लेवल सुविधाएं, कोच के आंतरिक हिस्सों तक पहुंच के लिए प्लेटफॉर्म तथा छत पर रखरखाव कार्यों के लिए विशेष वर्किंग प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं।
डिपो में पहियों की आवश्यक टर्निंग के लिए सीएनसी पिट व्हील लेथ तथा कोचों की बाहरी सतह की स्वचालित धुलाई के लिए ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट भी स्थापित किया गया है। ये आधुनिक सुविधाएं ट्रेनसेट के नियमित रखरखाव, स्वच्छता एवं परिचालन तत्परता को बेहतर बनाने में सहायक होंगी।
वर्तमान में द्वितीय चरण का कार्य भी प्रगति पर है। द्वितीय चरण का कार्य पूर्ण होने के साथ डिपो की सुविधाओं का और विस्तार होगा। इन सुविधाओं के माध्यम से 16 कोच वाली वंदे भारत ट्रेनसेट के निरीक्षण एवं रखरखाव को अधिक व्यवस्थित, संरक्षित और प्रभावी बनाया जा सकेगा।