
पूर्व मध्य रेल मुख्यालय हाजीपुर में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह मनाया गया । इस अवसर पर महाप्रबंधक श्री छत्रसाल सिंह द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया ।
समारोह को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक महोदय ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में दिसंबर माह तक पूर्व मध्य रेल कुल प्रारंभिक राजस्व के मामले में 22133 करोड़ रुपये के साथ भारतीय रेलवे पर तीसरा सबसे अधिक राजस्व प्राप्त करने वाला क्षेत्रीय रेल है।

पूर्व मध्य रेल ने एक और बड़ी उपलब्धि तब हासिल की जब 7 अगस्त,2025 को छह खाली बॉक्स-एन रेक को जोड़कर 4.5 किमी लंबी ‘‘रूद्रास्त्र‘‘ नाम की भारतीय रेल की सबसे लंबी मालगाड़ी बनाई गई, जिसमें 354 वैगन और 7 इंजन लगे थे, को गंजख्वाजा से गढ़वा रोड स्टेशन तक सफलतापूर्वक चलाया गया।

चालू वित्तीय वर्ष में पूर्व मध्य रेल ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं:
चालू वित्तीय वर्ष में दिसंबर माह तक पूर्व मध्य रेल ने 147 मिलियन टन माल ढुलाई की है जिससे 17943 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। इस प्रकार चालू वित्तीय वर्ष में अब तक पूर्व मध्य रेल भारतीय रेलवे पर माल लदान के मामले में चौथे स्थान पर तथा माल लदान से प्राप्त राजस्व के मामले में तीसरे स्थान पर है ।
चालू वित्तीय वर्ष के दिसंबर माह तक 19.1 करोड़ यात्रियों ने पूर्व मध्य रेल क्षेत्राधिकार से यात्रा प्रारंभ की, जिससे 3700 करोड़ रूपये का प्रारंभिक यात्री राजस्व प्राप्त हुआ है जबकि पिछले वित्तीय वर्ष के दिसंबर माह तक 18.2 करोड़ यात्रियों ने यात्रा प्रारंभ किया जिससे 3484 करोड़ रूपये का प्रारंभिक यात्री राजस्व प्राप्त हुआ था।

माल व्यापारियों की सुविधा के लिए चालू वित्त वर्ष में दिसंबर माह तक 3 नये गुड्स शेड तथा 5 नये गतिशक्ति टर्मिनल खोले गये हैं । इसके साथ पूर्व मध्य रेल में गुड्स शेड की कुल संख्या 133 तथा गतिशक्ति टर्मिनल की कुल संख्या 12 हो गयी है ।
साथ ही 24 घंटे कार्य करने वाले 5 अतिरिक्त गुड्स शेड अधिसूचित किए गए हैं, जिसके उपरांत 24 घंटे कार्य करने वाले गुड्स शेड की कुल संख्या 67 हो गयी है ।
चालू वित्तीय वर्ष में अब तक पूर्व मध्य रेल द्वारा 9745 वैगनों का आर.ओ.एच. किया गया है, जो विगत वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है। साथ ही 65 वैगनों का निर्माण भी किया गया जो विगत वर्ष की तुलना 11 प्रतिशत अधिक है।
डीडीयू स्थित वैगन केयर सेंटर द्वारा दिसंबर माह में 905 बॉक्स-एन वैगनों का रिकॉर्ड आरओएच तथा 3200 वैगनों का अबतक का सर्वाधिक वैगन आउट टर्न प्राप्त किया गया है जो भारतीय रेलवे में सर्वाधिक है ।
ट्रेनों का शुभारंभ
चालू वित्तीय वर्ष में पाटलिपुत्र-गोरखपुर एवं दानापुर-जोगबनी के लिए विश्व-स्तरीय सुविधाओं से युक्त 2 सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन एवं पटना और जयनगर के मध्य 1 नमो भारत रैपिड रेल का शुभारंभ किया गया।
इसके साथ ही आधुनिक सुविधाओं से युक्त दिल्ली, लखनऊ, अमृतसर, जयपुर, मुंबई, ईरोड एवं हैदराबाद शहरों के लिए पूर्व मध्य रेल के विभिन्न स्टेशनों से 11 अमृत भारत ट्रेनों का भी शुभारंभ किया गया है।
17 एवं 18 जनवरी 2026 को उद्घाटन की गयी ट्रेनों में से 5 अमृत भारत ट्रेनें पूर्व मध्य रेल के क्षेत्राधिकार से होकर गुजरेगी ।

यात्री सुविधा:-
चालू वित्तीय वर्ष में दिसंबर माह तक 36 जोड़ी नई ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ एवं 20 जोड़ी ट्रेनों का मार्ग विस्तार किया गया तथा 1391 कोचों का अस्थायी संयोजन किये गये ।
साथ ही 310 स्पेशल ट्रेनों के परिचालन से 13 हजार से ज्यादा फेरे लगाए गए हैं। साथ ही 91 चुनाव स्पेशल ट्रेनों का भी परिचालन किया गया ।
यात्रा टिकट प्राप्त करना और आसान हो इसके लिए चालू वित्त वर्ष के दिसम्बर माह तक 16 नए लोकेशन पर यूटीएस तथा 2 नए लोकेशन पर यूटीएस सह पीआरएस की कमीशनिंग की गयी । इस प्रकार पूर्व मध्य रेल में अब कुल 434 यूटीएस, 84 यूटीएस सह पीआरएस, 120 पीआरएस, 279 एसटीबीए, 53 जेटीबीएस तथा 16 वाईटीएसके की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है ।
यात्रियों को आसानी से अनारक्षित टिकट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिसंबर माह तक मोबाइल यूटीएस हेतु 25 मोबाइल फोन और 30 ब्लूटूथ प्रिंटर उपलब्ध कराए गए हैं।
छठ के उपरांत मात्र 11 दिनों के भीतर पूर्व मध्य रेल द्वारा 98 लाख से अधिक यात्रियों को उनके गतंव्य तक पहुंचाया गया ।
क्राउड मैनेंजमेंट के तहत पूर्व मध्य रेल के 14 प्रमुख स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं से युक्त होल्डिंग एरिया का प्रावधान किया गया था । साथ ही उनकी सहायता हेतु 34 स्टेशनों पर अतिरिक्त ‘मे आई हेल्प यू बूथ‘ तथा प्रमुख स्टेशनों पर 66 अतिरिक्त टिकट काउंटर की व्यवस्था की गयी थी । यात्रियों को आरामदायक एवं सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 16 जोड़ी ट्रेनों के 18 रेक को एलएचबी रेक में परिवर्तित किया गया है ।

यात्रियों की सुविधा हेतु चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 3 लिफ्ट,7 स्टेशनों पर एफओबी, 2 प्लेटफार्मों का उच्चीकरण, 1 प्लेटफार्म का विस्तारीकरण, 14 यात्री शेड एवं 14 लघु यात्री शेड का निर्माण किया गया है ।
दिसंबर माह तक 5 स्टेशनों पर ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड,3 स्टेशनों पर कोच इंडिकेशन बोर्ड,3 स्टेशनों पर सीसीटीवी एवं 1 स्टेशन पर कंप्यूटरीकृत उद्घोषणा प्रणाली लगाये गये हैं ।

आधारभूत संरचनाओं का विकास
चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 32 किलोमीटर लाईनों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है तथा 159 ट्रैक किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया है।
चालू वित्तीय वर्ष के दिसंबर माह तक सुपौल-अमहा पिपरा-त्रिवेणीगंज, हसनपुर-बिथान, खगड़िया-अलौली, वैशाली-देवरिया, जटडुमरी-दनियावां तथा बिहार शरीफ-बरबीघा-शेखपुरा नई रेल लाईनों पर यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ किया गया है ।
साथ ही शीशो बाईपास के निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने से दरभंगा जं. पर ट्रेनों का बिना रिर्वसल किए परिचालन किया जा रहा है ।
·चालू वित्तीय वर्ष में दिसंबर माह तक 78 पुलों का मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा किया गया है।
·सिगनल प्रणाली के आधुनिकीकरण के तहत् दिसंबर माह तक 15 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग तथा 32 स्टेशनों पर सर्किट अल्टरनेशन का कार्य पूरा किया गया है। संरक्षा में सुधार के तहत 20 समपार फाटकों की इंटरलॉकिंग की गयी, 21 समपार फाटकों पर स्लाइडिंग बूम तथा 33 समपार फाटकों पर इलेक्ट्रीक ऑपरेटेड लिफ्टिंग बैरियर लगाए गए।
·दिसम्बर माह तक 127 रूट किमी में ऑटोमैटिक सिग्नल प्रणाली तथा 76 रूट किमी में कवच प्रणाली हेतु लोको ट्रायल पूरा किया गया । साथ ही 87 किमी लंबे मानपुर-सरमाटांड रेलखंड पर कवच प्रणाली शीघ्र चालू कर दिया जाएगा ।
·दिसंबर माह तक 21 अत्याधुनिक थ्री फेज नए लोको की कमीशनिंग की गयी तथा 351 इलेक्ट्रिक इंजन में कवच लगाया गया है।
