
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत बैकुंठ–उरकुरा खंड (26.40 किमी) के बीच चौथी रेल लाइन के निर्माण को रेल मंत्रालय से स्वीकृति प्रदान की गई है । इस महत्वपूर्ण क्षमता संवर्धन परियोजना की अनुमानित लागत ₹426.01 करोड़ है ।
यह खंड बिलासपुर–रायपुर–नागपुर मुख्य रेल मार्ग का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो मुंबई–हावड़ा उच्च घनत्व नेटवर्क रूट में अवस्थित है । वर्तमान में इस रेलखंड में तीन लाइन परिचालन में कार्यशील है, जहाँ औद्योगिक गतिविधियों में निरंतर वृद्धि के कारण ट्रेनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है ।
वर्तमान में इस खंड की लाइन क्षमता रखरखाव ब्लॉक सहित 158 प्रतिशत है, जो वर्ष 2027 तक 171 प्रतिशत तक पहुँचने की संभावना है । इस परिप्रेक्ष्य में चौथी लाइन का निर्माण समय की आवश्यकता थी । यह परियोजना ऊर्जा, सीमेंट एवं खनिज कॉरिडोर के अंतर्गत चिन्हित की गई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी ।
परियोजना के लाभ
इस महत्वपूर्ण रेल खंड में चौथी रेल लाइन के निर्माण से रेल परिचालन में उल्लेखनीय गतिशीलता आएगी, ट्रेनों का समयबद्ध एवं सुचारु परिचालन सुनिश्चित होगा तथा परिचालनिक बाधाओं में कमी आएगी । इससे यात्री सुविधाओं में सुधार होगा, ।
परियोजना के पूर्ण होने के पश्चात अतिरिक्त क्षमता के सृजन से औद्योगिक एवं वाणिज्यिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी एवं इससे व्यापारिक आवागमन को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे । साथ ही, रेल नेटवर्क के सुदृढ़ होने से क्षेत्रीय विकास को दीर्घकालीन लाभ प्राप्त होंगे ।
