
पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल के डोमिनगढ़-स्वामी नारायन छपिया (101.97 रूट किमी) रेल खंड में स्टैंडर्ड ‘कवच’(स्वदेशी टक्कर निरोधी प्रणाली) की कमीशनिंग के लिये 26 अगस्त, 2026 को डोमिनगढ़-जगतबेला खंड में लोको ट्रायल सफलतापूर्वक सम्पन्न किया गया।
इस लोको ट्रायल में दो कवच फिटेड लोकोमोटिव इंजनों के द्वारा हेड ऑन एवं रियर कोलिजन को रोकने के लिये ऑटोमेटिक ब्रेकिंग की टेस्टिंग की गई तथा एस.ओ.एस. जनरेशन का सफल परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान दोनों लोको हेड ऑन एवं रियर कोलिजन को बचाने हेतु निर्देशित दूरी से पहले ही रूक गये।

प्रथम चरण में पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ,इज्जतनगर एवं वाराणसी मंडलों के 551 रूट किमी. प्रमुख रेलमार्गों पर कवच लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
रेलवे बोर्ड द्वारा पूर्वाेत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल पर अभी तक लखनऊ जं.-मानक नगर, लखनऊ जं.-मल्हौर, बाराबंकी जं.-बुढ़वल जं., सीतापुर सिटी-बुढ़वल जं. एवं बुढ़वल जं.-गोरखपुर कैंट, वाराणसी मंडल पर गोरखपुर कैंट-गोल्डिनगंज, गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर रोड, भटनी जं.-वाराणसी जं., वाराणसी जं.-प्रयागराज जं. एवं औंड़िहार जं.-छपरा जं. तथाइज्जतनगर मंडल पर रावतपुर-फर्रूखाबाद जं., फर्रूखाबाद जं.-कासगंज जं., कासगंज जं.-मथुरा जं., कासगंज (छोड़कर)-इज्जतनगर, इज्जतनगर (छोड़कर)- काठगोदाम, लालकुआँ-रामपुर (छोड़कर), लालकुआँ (छोड़कर)-काशीपुर, रामनगर-कटघर, भोजीपुरा-टनकपुर,
पीलीभीत-शाहजहाँपुर (छोड़कर), पीलीभीत (छोड़कर)-मैलानी (छोड़कर) तथा मंधना जं. (छोड़कर)-ब्रह्मावर्त रेलखंडों पर कवच का कार्य स्वीकृत किया गया है।
कवच‘भारत की स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ए.टी.पी.) प्रणाली है, जिसे ट्रेनों की आवाजाही की निरन्तर निगरानी के माध्यम से सिगनल पास एट डेंजर (एस.पी.ए.डी.) की घटनाओं तथा ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्रणाली आवश्यकता पड़ने पर स्वचालित रूप से ब्रेक लगाती है, ट्रेनों को अधिकतम अनुमन्य गति पर संरक्षित रूप से चलने में सक्षम बनाती है, परिचालन विश्वसनीयता में सुधार करती है तथा घने कोहरे जैसी प्रतिकूल मौसम स्थितियों में भी संरक्षित ट्रेन संचलन में सहायता करती है।
