
दिनांक 28.02.2026 को पश्चिम मध्य रेल (पमरे) भोपाल मंडल के कुरवाई केथोरा-मंडीबामोरा-कालहार खंड में 16.93 रूट किलोमीटर (RKM) (कुल 33.86 इक्वेटेड RKM डबल लाइन) में ‘ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग’ प्रणाली को सफलतापूर्वक कमीशन कर दिया गया है।
डायरेक्ट ड्राइव मॉड्यूल आधारित तकनीक का प्रयोग कर ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें ब्लॉक सेक्शन में लगे ऑटो सिग्नलों को सीधे wayside कैबिनेट (रास्ते के किनारे स्थित कैबिनेट) के माध्यम से ‘डायरेक्ट ड्राइव’ किया जाता है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं
• *नए ऑटो हट का निर्माण:* EPC प्रोजेक्ट के तहत कुरवाई केथोरा–मंडी बामोरा के बीच ऑटो हट RH38 और मंडी बामोरा–कालहार के बीच ऑटो हट RH37 का निर्माण किया गया है।
• *उन्नत फाइबर कनेक्टिविटी:* wayside कैबिनेट और ऑटो हट को जोड़ने के लिए रिंग पाथ में 24F OFC (ऑप्टिकल फाइबर केबल) बिछाई गई है। साथ ही, रूट डायवर्सिटी सुनिश्चित करने के लिए 04X48 OFC का उपयोग किया गया है।
• *सुरक्षा और गति:* यह हाई-स्पीड डेटा ट्रांसमिशन प्रणाली कवच (Kavach) और आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली जैसे सुरक्षा तंत्रों को सुदृढ़ बनाने में सक्षम है।

तकनीकी लाभ और दक्षता
इस परियोजना को पश्चिम मध्य रेल के सिग्नलिंग विभाग और परम-सीमेंस कंसोर्टियम द्वारा संयुक्त रूप से निष्पादित किया गया है। इस तकनीक के क्रियान्वयन से रेलवे सिग्नलिंग में तांबे के तारों (Copper cables) और रिले (Relays) की आवश्यकता में भारी कमी आएगी।
यह तकनीक न केवल लागत प्रभावी है, बल्कि रेलवे संचालन में विश्वसनीयता और सुरक्षा के स्तर को भी कई गुना बढ़ाती है।
इस उपलब्धि से ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ेगी और सेक्शन में ट्रेनों के बीच का अंतराल कम होने से रेल यातायात और अधिक सुगम होगा।
