
पश्चिम मध्य रेलवे ने फरवरी माह 2026 में कुल 5.27 मिलियन टन गुड्स फ्रेट लोडिंग कर ₹581.35 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। गत वर्ष के इसी माह की तुलना में फ्रेट लोडिंग में 39% तथा राजस्व में 46% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
फरवरी 2026 में विभिन्न कमोडिटी में की गई लोडिंग का विवरण इस प्रकार है—
- फ़ूड ग्रेन: 0.57 मिलियन टन (पिछले वर्ष 0.29 मिलियन टन) — 94.52% वृद्धि
- क्लिंकर: 0.93 मिलियन टन (पिछले वर्ष 0.50 मिलियन टन) — 85.03% वृद्धि
- सीमेंट: 1.17 मिलियन टन (पिछले वर्ष 0.72 मिलियन टन) — 63.22% वृद्धि
- फर्टिलाइजर: 0.48 मिलियन टन (पिछले वर्ष 0.37 मिलियन टन) — 29.27% वृद्धि
- कोयला: 1.31 मिलियन टन (पिछले वर्ष 1.08 मिलियन टन) — 21.57% वृद्धि
- लौह अयस्क (आयरन ओर): 0.13 मिलियन टन (पिछले वर्ष 0.12 मिलियन टन) — 10.17% वृद्धि
चालू वित्तीय वर्ष का कुल प्राम्भिक राजस्व
पश्चिम मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक यानि ग्यारह माह में रूपये 8186 करोड़ का कुल प्राम्भिक राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि (रूपये 7390 करोड़ 65 लाख) की तुलना में 10.76 प्रतिशत अधिक है, तथा रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य (7849 करोड़ 38 लाख रूपये) ऑरिजनेटिंग रेवन्यू से 4 प्रतिशत अधिक है।
ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू के मद वाइस आय पर नजर डालें तो यात्री यातायात से रुपये 2341 करोड़ 60 लाख, माल यातायात से रुपये 5465 करोड़ 92 लाख, अन्य कोचिंग मद में रुपये 167 करोड़ 54 लाख एवं विविध आय यानि संड्री से रुपये 210 करोड 94 लाख का रेलवे राजस्व प्राप्त किया है।
चालू वित्तीय वर्ष के ग्यारह माह में मण्डल वाइस बात करे तो जबलपुर मण्डल ने रूपये 4895 करोड़ 28 लाख, भोपाल मण्डल ने 1852 करोड़ 05 लाख एवं कोटा मण्डल ने रूपये 1438 करोड़ 67 लाख का कुल ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया है।
