
मध्य प्रदेश में कुल ₹1,18,379 करोड़ की विभिन्न रेल परियोजनाएँ प्रगति पर हैं ।

राज्य में प्रमुख परियोजनाओं में रामगंजमंडी–भोपाल, ललितपुर–सिंगरौली और इंदौर–बुदनी, इंदौर- मनमाड नई लाइनें, बीना–कटनी तृतीय लाइन, सतना–रीवा एवं कटनी–सिंगरौली दोहरीकरण, कटनी ग्रेड सेपरेटर तथा बीना–भोपाल–इटारसी चतुर्थ लाइन परियोजनायें शामिल हैं, जिनसे रेल क्षमता, समयपालन और माल ढुलाई में उल्लेखनीय सुधार होगा।
कवच
संरक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के 4,591 रूट किलोमीटर पर कवच प्रणाली लागू करने की योजना तैयार की जा चुकी है।
2026-27 बजट
इसी क्रम में मध्य प्रदेश को रेलवे के लिए ₹15,188 करोड़ का बजट प्राप्त हुआ है, जिससे राज्य में रेल अवसंरचना, संरक्षा, सुरक्षा, यात्री सुविधाओं एवं माल ढुलाई क्षमता को नई गति मिलेगी।

पूर्व–पश्चिम कॉरिडोर
केन्द्रीय बजट में पश्चिम बंगाल के डानकुनी से गुजरात के सूरत तक एक नए पूर्व–पश्चिम समर्पित मालवाहक कॉरिडोर का प्रस्ताव किया गया है, जो ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा।
2,052 किमी लंबा यह कॉरिडोर मौजूदा पश्चिमी समर्पित मालवाहक कॉरिडोर से जुड़ेगा, जिससे पश्चिमी तट के बंदरगाहों तक माल की बिना किसी रुकावट के आवाजाही हो सकेगी।
पूर्व – पश्चिम कॉरिडोर के बनने से मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास और आपूर्ति शृंखलाओं को काफी लाभ मिलेगा।
