पूर्वाेत्तर रेलवे द्वारा ट्रैक नवीनीकरण से ट्रेनों की गति में वृद्धि

पूर्वाेत्तर रेलवे द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 में, माह फरवरी, 2026 तक 308 किमी. ट्रैक, 398 किमी. रेल, 211 किमी. स्लीपर एवं 265 टर्नआउट के नवीनीकरण का कार्य पूरा किया गया। इसके अतिरिक्त 271 किमी. प्लेन ट्रैक एवं 275 टर्नआउट की डीप स्क्रीनिंग का कार्य भी गत वर्ष के दौरान किया गया।

297 थिक वेब स्विच का प्रावधान, 142 किमी. थू्र फिटिंग का नवीनीकरण तथा पुलों पर 6105 चैनल स्लीपर का एच-बीम स्लीपर से नवीनीकरण कर सुरक्षित और तेज ट्रेनों के संचालन को सुनिश्चित किया गया।इन कार्यों के पूरा होने के फलस्वरूप अनेक रेल खंडों में सेक्शनल स्पीड बढ़ाई गई है तथा यात्रा सुगम एवं आरामदायक हुई है।

इस वर्ष कुल 142 किमी. रेल खंड की गति बढ़ाई गई, जिसमें गोंडा कचहरी-करनैलगंज(नई लाइन), सीतापुर-सीतापुर सिटी, प्रयागराज रामबाग-प्रयागराज, कीड़िहारापुर-इंदारा (नई लाइन), फेफना-रसड़ा-इंदारा, पीलीभीत- शाहगढ़, गाजीपुर सिटी-ताड़ीघाट, खोरासन रोड-शाहगंज एवं खुरहट-सठियाँव खंड सम्मिलित हैं।

इसके अतिरिक्त दोहना यार्ड, लाइन नं.-1 एवं 3 के प्रथम लूप लाइन जिसमें भीटी-प्रयागराज रामबाग के 05 स्टेशनों के टर्नआउट पर 30 किमी./घंटा गति बढ़ाई गई है।

पूर्वाेत्तर रेलवे द्वारा संरक्षित ट्रेन संचलन के लिये पुराने रेल एवं स्लीपरों को नई रेल एवं ज्यादा क्षमता के मजबूत कंक्रीट स्लीपर से बदले जाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। संरक्षा के दृष्टिकोण से ट्रेनों की गति बढ़ाने तथा यात्रा समय में कमी लाने हेतु ट्रैक, रेल, स्लीपर, टर्नआउट एवं थ्रू फिटिंग का नवीनीकरण तथा ट्रैक एवं टर्नआउट की डीप स्क्रीनिंग इत्यादि का कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ तीव्र गति से किया जा रहा है। रेलपथ के बेहतर अनुरक्षण हेतु अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से मेंटेनेंस पर फोकस किया जा रहा है, फलस्वरूप संरक्षा, सुरक्षा एवं राइडिंग कम्फर्ट में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

Related Posts

Got something to say? Post a comment!