
उत्तर पश्चिम रेलवे पर अनेक रेल विकास कार्य प्रगति पर है। नई लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन के कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। क्षमता बढोतरी के लिए कार्य त्वरित गति के साथ निष्पादित किए जा रहे हैं।

इस वर्ष अभी तक 94 किलोमीटर नई लाइन एवं दोहरीकरण के कार्य पूरे किए गए है तथा मार्च 2026 तक 29 किलोमीटर का कार्य और पूर्ण कर लिया जायेगा।

प्रमुख रेल परियोजना
उत्तर पश्चिम रेलवे में जयपुर-सवाई माधोपुर दोहरीकरण, आरडीएसओ डेडीकेटेड टेस्ट ट्रैक, तरंगा हिल-आबु रोड़ नई लाईन सहित लगभग 1500 किलोमीटर से अधिक के नई लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन के कार्य प्रगति पर है ।

अनुपगढ़-बीकानेर नई लाईन, रास-बिलाड़ा नई लाईन, बठिंडा-हनुमानगढ़-सुरतगढ़-बीकानेर दोहरीकरण सहित 1500 किलोमीटर से अधिक के कार्य स्वीकृति के विभिन्न चरणों में है।


सर्वें
इसके साथ ही बीकानेर बाईपास, खाटू श्यामजी-सालासर-सुजानगढ़ नई लाईन, देवगढ़-मदारिया-मारवाड़ सहित 2000 किलोमीटर से अधिक के नई लाइन व दोहरीकरण के सर्वें प्रगति पर है।

2026-27 बजट
राजस्थान के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 10228 करोड़ रूपए प्रदान किए गए हैं।वर्ष 2026-27 में 350 किलोमीटर से अधिक नई लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन के कार्य पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
रींगस–सीकर दोहरीकरण स्वीकृत
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में रींगस-सीकर, 50 किलोमीटर रेलखंड दोहरीकरण कार्य के लिए 470.34 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।
इस मार्ग के दोहरीकरण से लाइन क्षमता में बढ़ोतरी होगी तथा अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा साथ ही ट्रेनों की गति में भी वृद्धि होगी। रींगस से सीकर रेलखंड के दोहरीकरण से खाटूश्याम जी वाले वाले श्रद्धालुओं को विशेष रूप लाभ मिलेगा ।

रींगस-खाटूश्याम जी 18 किलोमीटर नई लाइन का कार्य 254 करोड़ रूपए की लागत के साथ किया जा रहा है तथा सीकर और रींगस स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य भी प्रगति पर है।
