
रविवार, 15 फरवरी, 2026 को रेलवे संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास ने टीम के साथ उत्तर पश्चिम रेलवे (उपरे) , जयपुर मंडल के अटेली-नारनौल रेलखंड दोहरीकरण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया।
सुबह 9 बजे से शुरू हुआ यह निरीक्षण शाम 4 बजे तक चला, जिसमें ट्रैक की मजबूती, सिग्नलिंग और संरचनात्मक मानकों को बारीकी से परखा गया।
निरीक्षण के दौरान मोटर ट्रॉली से ट्रैक का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। आयुक्त ने अटेली से आगे विभिन्न तकनीकी बिंदुओं पर रुककर ट्रैक की समतलता, जोड़ों की फिटिंग, स्लीपरों की स्थिति और बैलेस्ट पैकिंग की जांच की।
सिग्नलिंग सिस्टम, प्वाइंट्स, क्रॉसिंग और इंटरलॉकिंग व्यवस्था को भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप परखा गया।
स्पीड ट्रायल
तकनीकी जांच के बाद इस रेलखंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से इंजन चलाकर
स्पीड ट्रायल लिया गया। इस दौरान ट्रैक की कंपन, संतुलन, ब्रिज रिस्पॉन्स और सिग्नल प्रतिक्रिया का आकलन किया गया।
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कंप्लीशन तथा सेफ्टी सर्टिफिकेट सर्टिफिकेट मिलते ही दोहरीकृत् लाइन को औपचारिक रूप से कमीशन किया जाएगा और नियमित रूप से यात्री व मालगाडियों का संचालन शुरू करने की मंजूरी मिलेगी।
दोहरीकरण से इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, क्रॉसिंग में लगने वाला समय घटेगा और समय का पालन बेहतर होगा। दोहरीकृत् लाइन शुरू होने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
निरीक्षण टीम में डिप्टी रेलवे संरक्षा आयुक्त विजय कुमार श्रीवास्तव, मंडल रेल प्रबंधक रवि जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
