परे:अहमदाबाद-पालनपुर,सामाख्याली एवं गांधीधाम रेलखंड पर कवच इंस्टॉलेशन कार्य प्रगति पर

पश्चिम रेलवे, अहमदाबाद मंडल में भारतीय रेलवे द्वारा सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु विकसित की गई उन्नत स्वदेशी प्रणाली ‘कवच’ का क्रियान्वयन तीव्र गति से किया जा रहा है।

वटवा लोको शेड में कवच कार्य की प्रगति

वटवा लोको शेड में कुल 180 इंजनों पर ‘कवच’ प्रणाली स्थापित करने की योजना है। अब तक 72 इंजनों पर यह कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष इंजनों पर कार्य प्रगति पर है। इस कार्य के लिए प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की एक समर्पित टीम नियुक्त की गई है, जो चरणबद्ध रूप से कवच की स्थापना का कार्य कर रही है।

साबरमती लोको शेड में कवच कार्य की प्रगति

साबरमती लोको शेड में 34 इंजनों पर कवच स्थापित किया जाना है। इनमें से अब तक 6 इंजनों पर ट्रायल सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष इंजनों पर कार्य जारी है। इस कार्य हेतु तकनीकी कर्मचारी तैनात हैं, जो कवच की सूक्ष्म स्थापना प्रक्रिया को अंजाम दे रहे हैं।

 ट्रैक सेक्शनों पर कवच इंस्टालेशन की स्थिति

· अहमदाबाद–पालनपुर एवं अहमदाबाद–सामाख्याली सेक्शन (कुल 402 आरकेएम): इस रेलखंड पर 410.10 करोड़ रुपये की लागत से कवच इंस्टॉलेशन का कार्य प्रगति पर है।

· पालनपुर–सामाख्याली–गांधीधाम सेक्शन (300 आरकेएम): इस खंड पर 182.81 करोड़ रुपये की लागत से कवच इंस्टॉलेशन का कार्य प्रगति पर है।

· अहमदाबाद–गेरतपुर सेक्शन (13.42 किमी): इस सेक्शन पर कवच प्रणाली की स्थापना का कार्य पूर्ण हो चुका है और यह खंड अब कवच से सुसज्जित हो गया है।

• अहमदाबाद डिविजन के सभी सेक्शनों में RFID टैग सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं तथा कवच-फिटेड लोको का ट्रायल भी पूरा कर लिया गया है।

• हाल ही में गांधीनगर कैपिटल और कलोल के बीच लगभग 20 किमी सेक्शन में सफल ट्रायल किया गया।

• ट्रायल के दौरान दो ट्रेनों को एक ही ट्रैक के एक ही ब्लॉक सेक्शन में चलाया गया। जैसे ही दोनों लोको लगभग 10 किमी की दूरी के भीतर आए, पीछे चल रहे लोको में स्वतः ब्रेक लग गया। इससे यह सिद्ध हुआ कि एक ही ब्लॉक सेक्शन में दो ट्रेनों को आगे-पीछे नहीं चलाया जा सकता।

• किसी भी ट्रेन के एक ही ब्लॉक सेक्शन में प्रवेश करते ही स्वतः ब्रेक लग जाता है तथा चेतावनी स्वरूप हॉर्न भी बजने लगता है।

• जब दोनों लोको को आमने-सामने लाने का प्रयास किया गया, तब भी दोनों लोको में स्वतः ब्रेक लग गया, जिससे संभावित टक्कर टल गई।

कवच 4.0 प्रणाली

कवच 4.0 एक स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली है। कवच एक उच्च प्रौद्योगिकी युक्त प्रणाली है, जिसके लिए उच्चतम क्रम (एसआइएल-4) के सुरक्षा प्रमाणन की आवश्यकता होती है। कवच लोको पायलट को निर्धारित गति सीमा के भीतर ट्रेन चलाने में सहायता करता है, लोको पायलट के ऐसा करने में विफल रहने पर स्वचालित रूप से ब्रेक लगाकर और खराब मौसम के दौरान ट्रेनों को सुरक्षित रूप से चलाने में भी मदद करता है।

कवच का उद्देश्य ट्रेनों की टक्कर को रोकना, सिग्नल उल्लंघन (SPAD) से बचाव करना तथा सुरक्षित और नियंत्रित संचालन सुनिश्चित करना है। इस प्रणाली में RFID (Radio Frequency Identification) तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिसके तहत ट्रैक पर RFID टैग लगाए जाते हैं और लोकोमोटिव में लगे रीडर के माध्यम से ट्रेन की सटीक लोकेशन, सिग्नल की स्थिति तथा गति सीमा की जानकारी प्राप्त होती है।

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