पश्चिम मध्य रेल द्वारा एक दिन में 23000 से अधिक वैगनों का परिचालन

  दिनांक 31.01.2022 को पश्चिम मध्य रेल द्वारा एक दिन में 23000 से अधिक वैगनों को (231 फ्रेट ट्रेनों को इंटरचेंज पॉइन्ट से लेने/सौंपने) परिवहन किया।अपना सर्वोच्च प्रदर्शन करते हुए पमरे ने इसी माह में 27 जनवरी 2022 को 231 फ्रेट ट्रेनों लेने और 231 फ्रेट ट्रेनों को सौंपने में उच्चतम 23431 वैगनों का परिवहन किया गया। इसके पहले यह रिकॉर्ड पमरे में 24 दिसंबर 2020 को 22705 वैगनों का इंटरचेंज पॉइन्ट से गाड़ियों को लेने और सौंपने में परिवहन किया गया था।

पश्चिम मध्य रेल के द्वारा माह जनवरी 2022 में प्रतिदिन औसत 20985 वैगनों का फ्रेट परिचालन में इंटरचेंज पॉइंटों से अपने अधिकार क्षेत्र में लेने एवं सौंपने का कार्य सराहनीय किया गया है। 

जबकि इसी माह में पिछले वर्ष प्रतिदिन औसत 19707 वैगनों का इंटरचेंज पॉइन्ट से परिवहन किया गया जो कि इस वर्ष की तुलना में 6.5 प्रतिशत अधिक रहा है। 

 इंटरचेंज पॉइंट

पश्चिम मध्य रेल भारत के मध्य में स्थित है और इससे चारों दिशाओं की ओर रेल संचालन किया जाता है। 

पश्चिम मध्य रेल द्वारा गाड़ियों अपने अधिकार क्षेत्र में गाड़ियों को लेने एवं दूसरे रेलवे को सौंपने के परिचालन के लिए 

* दक्षिण पूर्व मध्य रेल (कछपुरा, न्यू कटनी जंक्शन)

* उत्तर मध्य रेल ( ओहान, मानिकपुर, आगासौद, बीना, महादेवखेड़ी, ग्वालियर, मथुरा, भरतपुर, बयाना)

* उत्तर पश्चिम रेलवे (सवाई माधोपुर)

* पश्चिम रेलवे (चंदेरिया, नागदा, मक्सी, माथेला, संत हिरदाराम नगर-भोपाल)

* मध्य रेल (खण्डवा, इटारसी, झुझारपुर केबिन)

* पूर्व मध्य रेल (महदईया) के स्टेशनों पर इंटरचेंज पॉइंट बनाया गया है। 

इन सभी इंटरचेंज पॉइन्ट से मेल एक्सप्रेस और गुड्स ट्रेन का आदान/प्रदान एवं सुगम परिचालन किया जाता है। 

महत्वपूर्ण कार्य

पश्चिम मध्य रेल द्वारा इस इंटरचेंज पॉइन्ट पर फ्रेट ट्रेन से वैगनों के परिवहन में बेहतर प्रदर्शन के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किये गए।

A) ट्रेनों के परिवहन में संचालन के लिए ऑपरेशनल इम्प्रोवमेंट :-

   * फ्रेट ट्रेनों के लोडिंग/अनलोडिंग की समयपालनता में विशेष ध्यान दिया गया।

    *  क्रेक फ्रेट ट्रेनों का परिचालन।

     * लॉन्ग हॉल फ्रेट ट्रेन को अधिक से अधिक परिचालन किया। 

    * क्रू बिट्स का रेशनेलाइजेशन किया गया।

    *  गुड्स टर्मिनल में डिटेंशन को कम किया गया।

     * यार्डों/साइडिंग के शंटिंग प्रेक्टिस में सुधार किया गया।

B) इंफ्रास्ट्रक्चर इम्प्रोवमेंट :-

   * ट्रैक की क्षमता एवं गति को बढ़ाने की दिशा में कार्य किया गया। 

  * स्थयी गति प्रतिबंध ( permanent speed restriction)  में सुधार किया गया।

  * साइडिंग में भी इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया। 

  * इलेक्ट्रिक हैवी हॉर्स पॉवर के इंजनों का उपयोग किया जा रहा है।

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