
रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वी सर्किल कोलकाता श्री गुरु प्रकाश द्वारा दिनांक 03.10.2026 एवं 04.10.26 को माल और यात्री परिवहन के लिए बनाए गए नवनिर्मित पुल (राजेंद्रपुल-हाथीदह ऊपर) और विद्युतीकरण के साथ दोहरीकरण का निरीक्षण किया गया।सी आर एस से प्राधिकार प्राप्त होते ही पूर्व मध्य रेल दानापुर मंडल के इस नवनिर्मित पुल से परिचालन संभव हो गया है।

मोकामा (बिहार) में गंगा नदी पर नवनिर्मित नए रेल पुल के चालू हो जाने से उत्तरी बिहार और दक्षिणी बिहार को रेल मार्ग से जोड़ने में एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध हो गया जिससे रेल परिचालन में काफी सुविधा होगी । 2400 करोड़ रूपए की लागत से बने इस नये रेल पुल को वर्तमान राजेन्द्र पुल के समानान्तर एवं पटना छोर की तरफ वर्तमान पुल से 50 मीटर की दूरी पर बनाया गया है ।

इस पुल पर दोहरी रेल लाइन का निर्माण किया गया है । यह प्रोजेक्ट लगभग 15.5 किमी की कुल लंबाई में फैला है, जिसमें 1.9 किमी का गंगा नदी पर मुख्य पुल शामिल है ।इस पुल में गंगा नदी पर 17 स्टील स्पैन हैं तथा 3.6 किमी के रेल वायडक्ट शामिल हैं । मुख्य पुल के साथ ही 08 लघु पुल, 02 सड़क उपरि पुल तथा 03 रेल ओवर रेल का निर्माण भी किया गया है ।

नये पुल की निर्माण योजना इस तरह बनायी गयी है कि वर्तमान पुल के एप्रोच में कम से कम परिवर्तन करना पड़े।नवनिर्मित नये पुल के दोनों छोर के स्टेशन, वर्तमान पुल के दोनों छोर के स्टेशनों से ही जुड़े होंगे अर्थात् वर्तमान में दक्षिण में स्थित हाथीदह, टाल एवं रामपुर डुमरा स्टेशनों तथा उत्तर में स्थित राजेन्द्रपुल तथा बरौनी स्टेशनों से ही जुड़े हैं ।

नवनिर्मित डबल लाइन के साथ-साथ वर्तमान में चल रहे पुराने राजेंद्र सेतु से भी रेलवे परिचालन जारी रहेगा । इससे यहां कुल तीन लाइनों का प्रावधान हो गया है । इससे देश के उत्तर-पूर्व इलाकों के बीच रेल कनेक्टिविटी और मज़बूत होगी, तथा अनुमानतः रेलवे ट्रैफिक में 2.5 गुणा वृद्धि होगी।इससे माल ढुलाई के समय और लागत में कमी आएगी, जिससे व्यापार और ज़रूरी चीज़ों की आवाजाही को फ़ायदा होगा।
