
दिनांक 04 नवंबर, 2026 को रेलवे संरक्षा आयुक्त (Commissioner of Railway Safety), पश्चिमी परिमंडल, मुंबई, श्री ई. श्रीनिवास द्वारा पश्चिम रेलवे, राजकोट मंडल के अंतर्गत राजकोट–कानालुस दोहरीकरण परियोजना में 11.804 किमी लंबे जामवंथली–अलियाबाड़ा रेल खंड के दोहरीकरण कार्य को सफलतापूर्वक कमीशन किया गया।

इसके साथ ही कुल 111 किलोमीटर लंबे राजकोट–कानालुस दोहरीकरण परियोजना में अब तक 96 किलोमीटर रेलखंड का दोहरीकरण कार्य कमीशन किया जा चुका है।

नवनिर्मित डाउन मेन लाइन पर 122 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति से सफलतापूर्वक गति परीक्षण किया गया। इस लाइन पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से रेल संचालन के लिए प्राधिकरण प्राप्त हुआ है।

जामवंथली–अलियाबाड़ा रेलखंड दोहरीकरण कार्य के अंतर्गत किए गए प्रमुख निर्माण कार्य निम्नवत हैं:
1. 11.804 किलोमीटर नई रेललाइन बिछाने एवं जोड़ने का कार्य।
2. 24 नए टर्नआउट स्थापित किए गए तथा 10 पुराने टर्नआउट हटाए गए।
3. 108 मीटर जलमार्ग क्षमता वाले 01 बड़े पुल का निर्माण।
4. कुल 16 छोटे पुलों का निर्माण।
5. 1.2 लाख घन मीटर मिट्टी का कार्य।
6. रेलपथ के नीचे 0.40 लाख घन मीटर ब्लैंकेटिंग परत बिछाने का कार्य।
7. रेलपथ पर 0.36 लाख घन मीटर गिट्टी बिछाने का कार्य।

8. 02 नई लूप लाइनों तथा 01 लंबी मालगाड़ियों के संचालन के लिए विशेष लाइन का निर्माण।
9. कुल 06 समपार फाटकों का विस्तारीकरण।
10. 03 नए उच्च तल प्लेटफॉर्म का निर्माण।
11. 02 नए पैदल ऊपरी पुलों का निर्माण।
12. नवनिर्मित रेललाइन का ओवरहेड विद्युत (ओएचई) प्रणाली के साथ सफलतापूर्वक कमीशनिंग।
13. अलियाबाड़ा स्टेशन पर एक नए स्टेशन भवन का निर्माण।

जामवंथली–अलियाबाड़ा रेलखंड के दोहरीकरण से राजकोट–कानालुस रेलमार्ग की लाइन क्षमता में वृद्धि होगी,ट्रेनों के कुशल संचालन में सहायता मिलेगी तथा भविष्य में बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा।

इस दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण), अहमदाबाद, श्री प्रदीप गुप्ता तथा राजकोट मंडल रेल प्रबंधक श्री गिरिराज कुमार मीना भी उपस्थित रहे।
