
पूर्व मध्य रेल डीडीयू मंडल (पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल) में कर्षण वितरण (ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन) विभाग द्वारा नियमित अनुरक्षण एवं सुधार कार्य किए जा रहे हैं।अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान ओवरहेड विद्युत व्यवस्था तथा पावर सप्लाई इंस्टॉलेशन की विश्वसनीयता बढ़ाने, कॉन्टैक्ट वायर के समयबद्ध प्रतिस्थापन, प्री-मानसून तैयारियों और साइडिंग के विद्युतीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए गए।
ट्रैक्शन पावर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के परिचालन के लिए आवश्यक विद्युत आपूर्ति है। यह व्यवस्था ओवरहेड विद्युत उपकरणों और पावर सप्लाई इंस्टॉलेशन से जुड़ी होती है। ओवरहेड विद्युत व्यवस्था में कॉन्टैक्ट वायर से लोकोमोटिव का पैंटोग्राफ संपर्क करता है।अप्रैल से सितंबर की अवधि में बारुण–डाल्टनगंज खंड में 38.05 किलोमीटर एल्युमिनियम कैटेनरी वायर को कॉपर कॉन्टैक्ट वायर से बदलने का कार्य किया गया।

इसके अतिरिक्त पूरे मंडल में 18.77 किलोमीटर ओवरएज कॉन्टैक्ट वायर का प्रतिस्थापन किया गया। इन कार्यों से ओवरहेड विद्युत व्यवस्था की विश्वसनीयता बढ़ाने तथा परिचालन संबंधी व्यवधानों को कम करने में मदद मिलेगी।वर्तमान में डीडीयू मंडल में यात्री एवं मालगाड़ी मिलाकर प्रतिदिन औसतन 700 से अधिक ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है जो पहले से कहीं अधिक है।

इसके अनुरूप ट्रैक्शन पावर की मांग में भी परिवर्तन होता रहता है। कर्षण वितरण विभाग द्वारा विद्युत मांग की लगातार निगरानी करते हुए अलग-अलग ट्रैक्शन पावर क्षेत्रों में विद्युत भार का आवश्यकतानुसार समायोजन एवं प्रबंधन किया जाता है। इससे उपलब्ध विद्युत क्षमता एवं अनुबंधित अधिकतम विद्युत मांग का बेहतर उपयोग करने और बदलती परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप ट्रैक्शन पावर व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने में मदद मिल रही है।
डीडीयू मंडल द्वारा कुशल एवं प्रभावी ट्रेक्शन पावर प्रबंधन से इस वित्तीय वर्ष में अब तक विद्युत वितरण कंपनियों को कोई अधिभार नहीं देना पड़ा है।

प्री-मानसून तैयारी
प्री-मानसून तैयारियों के तहत पूरे मंडल में 2,449 पेड़ों तथा 38,057 शाखाओं की छंटाई की गई। इस का उद्देश्य ओवरहेड विद्युत व्यवस्था के सुरक्षित एवं विश्वसनीय संचालन में पेड़ों की शाखाओं से संभावित व्यवधान को कम करना है।

साइडिंग लाइन का विद्युतीकरण
इसके अलावा 18 किलोमीटर की विभिन्न साइडिंग लाइन का विद्युतीकरण पूरा किया गया। इनमें डीडीयू के डाउन मार्शलिंग यार्ड, डाउन डिपार्चर यार्ड, भभुआ रोड डाउन साइडिंग, पहलेजा, पुसौली तथा दुर्गावती अप साइडिंग के दिल्ली छोर शामिल हैं।
