दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे: माल लदान एवं राजस्व अर्जन में अग्रणी 

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय, बिलासपुर में  दिनांक 26 जनवरी 2026 को महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज।अपने संबोधन में महाप्रबंधक ने कहा कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भारतीय रेलवे के अग्रणी माल लदान एवं राजस्व अर्जन करने वाले जोनों में शामिल है । वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेलवे ने मात्र 287 दिनों में, 12 जनवरी को, 200 मिलियन टन माल लदान का महत्वपूर्ण आँकड़ा गत वर्ष की तुलना में 8 दिन पूर्व ही प्राप्त कर लिया तथा माल ढुलाई से ₹23,655 करोड़ से अधिक का राजस्व अर्जित किया ।

दिसंबर 2025 तक 56.5 प्रतिशत ऑपरेटिंग रेशियो के साथ यह जोन भारतीय रेलवे में अग्रणी रहा ।

यात्री सुविधा

रायपुर एवं जबलपुर के मध्य गोंदिया एवं बालाघाट होते हुए नई एक्सप्रेस रेल सेवा तथा रायपुर एवं धर्म नगरी राजिम के मध्य यात्री रेल सेवाएँ प्रारंभ की गई हैं, जिससे क्षेत्रीय संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है । 

यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025 में विभिन्न पर्वों एवं मेलों के अवसर पर 129 विशेष ट्रेनों के 302 फेरे संचालित किए गए तथा आवश्यकतानुसार स्थायी एवं अस्थायी कोच लगाए गए ।

यात्रियों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु मुख्यालय सहित तीनों मंडलों में वार रूम कार्यरत हैं । इसलिए भारतीय रेलवे द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को रेल मदद शील्ड से सम्मानित किया गया ।

संरक्षा

इस वित्तीय वर्ष में 12 नए फुट ओवर ब्रिज, 14 एस्केलेटर, 5 लिफ्ट, प्लेटफॉर्म ऊँचाई में वृद्धि तथा कोच गाइडेंस डिस्प्ले सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई गई है । 

सड़क एवं रेल यातायात को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से दिसंबर 2025 तक 7 रोड ओवर ब्रिज एवं 9 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण पूर्ण किया गया है ।

डिजिटल पहल 

यूटीएस ऑन मोबाइल एवं रेलवन ऐप के माध्यम से डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा मिला है । दिसंबर 2025 में कुल अनारक्षित टिकटों में से 23.58 प्रतिशत टिकट मोबाइल ऐप से बुक किए गए, जिसके आधार पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भारतीय रेलवे में तृतीय तथा गैर-उपनगरीय रेलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया । 

पीआरएस काउंटरों पर डिजिटल भुगतान मार्च 2025 के 5 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर 2025 में 41.25 प्रतिशत तक पहुँच गया है ।

आधारभूत संरचना विकास 

वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान नई रेल लाइन, दोहरीकरण तथा तीसरी-चौथी लाइन सहित कुल 57 किलोमीटर रेल खंड का कमीशन किया गया है । इसके साथ ही 162 रूट किलोमीटर ऑटो सिग्नलिंग, कमीशन किया गया ।

नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली तथा इंटरलॉकिंग उन्नयन से परिचालन संरक्षा एवं दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है ।

 ‘कवच’ प्रणाली के परीक्षण एवं प्रशिक्षण से रेल संरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है ।अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत 50 स्टेशनों का ₹1939.44 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है । 

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