भारतीय रेल पर पहली बार बैग्स ऑन व्हील्स सेवा

उत्तर एवं उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने बताया कि रेलवे नित नए उपायों से राजस्व को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है । इसी दिशा में कार्य करते हुए दिल्ली मंडल ने हाल ही में गैर-किराया-राजस्व अर्जन योजना (एनआईएनएफआरआईएस) के अंतर्गत ऐप आधारित बैग्स ऑन व्हील्स सेवा के लिए ठेका प्रदान करके मील का पत्थर स्थापित किया है । भारत रेल पर रेलयात्रियों के लिए यह अपनी तरह की पहली सेवा है ।

बीओडब्ल्यू ऐप (एंड्रॉयड और आई फोन उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध होगा) के द्वारा रेलयात्री अपने सामान को अपने घर से रेलवे स्टेशन तक लाने अथवा रेलवे स्टेशन से घर तक पहुँचाने के लिए आवेदन करेंगे । यात्री का सामान सुरक्षित तरीके से लेकर रेलयात्री के बुकिंग विवरण के अनुसार उसके कोच/घर तक पहुँचाने का कार्य ठेकेदार द्वारा किया जायेगा ।

नाम मात्र के शुल्क पर रेलयात्रियों को सामान की डोर-टू-डोर सेवा फर्म द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी और यात्री के घर से उसका सामान रेलगाड़ी में उसके कोच तक अथवा उसके कोच से उसके घर तक सुगमता से पहुँचाया जायेगा । यह सेवा रेलयात्रियों विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग जनों और अकेले यात्रा कर रही महिला यात्रियों के लिए बहुत ही लाभदायक सिद्ध होगी ।

इस सेवा की खास खूबी यह है कि सामान की सुपुर्दगी रेलगाड़ी के प्रस्थान से पहले सुनिश्चित की जायेगी । इसके फलस्वरूप यात्री कोच तक सामान लाने/ले जाने की परेशानी से मुक्त हो एक अलग ही प्रकार की यात्रा का अनुभव करेंगें । शुरूआत में यह सेवा नई दिल्ली, दिल्ली जं0, हज़रत निजामुद्दीन, दिल्ली छावनी, दिल्ली सराय रौहिल्ला, ग़ाज़ियाबाद और गुडगांव रेलवे स्टेशनों से चढ़ने वाले रेलयात्रियों के लिए उपलब्ध होगी ।

इस सेवा से न केवल यात्री लाभान्वित होंगे बल्कि रेलवे को भी सालाना 50 लाख रुपये के गैर किराया राजस्व की प्राप्ति के साथ ही साथ में एक वर्ष की अवधि के लिए 10% की हिस्सेदारी भी प्राप्त होगी । भारतीय रेलवे के यात्रियों ने अब तक पैलेस ऑन व्हील्स सेवा का आनंद उठाया है, अब वे बैग्स ऑन व्हील्स सेवा का भी आनन्द ले सकेंगे ।

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