राष्ट्रीय रेल योजना की चाहत: 45 % परिवहन क्षेत्र में हिस्सेदारी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI का उपयोग एवं क्षमता निर्माण

भारतीय रेलवे संपूर्ण परिवहन क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर 45 प्रतिशत करने की योजना बना रहा है।

इसे प्राप्त करने के लिए, राष्ट्रीय रेल योजना (एनआरपी) – 2030 पर पिछले सप्ताह चर्चा की गई।

चर्चा में रेलवे बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ सभी महाप्रबंधक, विभागों के प्रमुखों, डीआरएम और अन्य महत्वपूर्ण रेलवे अधिकारियों ने भाग लिया ।

योजना में क्षमता निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और परिवहन क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी को बढ़ाकर 45 प्रतिशत करने की परिकल्पना की गई।

एनआरपी का लक्ष्य 2030 तक क्षमता बनाना है, जो अगले दो दशकों तक मांग को पूरा करेगा।

चर्चा में हिस्सेदारी के अतिरिक्त पहचानी गयी ढांचागत परियोजनाओं को समयानुसार पूरा करने की  रणनीति  पर भी बात चीत की गयी।

राष्ट्रीय रेल योजना 2030 में मुख्य परियोजनाएँ,राष्ट्रीय रेल योजना 2030 की मुख्य परियोजनाएँ इस प्रकार है –

गोल्डन चतुर्भुज / गोल्डन विकर्णों (जीडी / जीक्यू) लाइन में गतिवृद्धि – पहले  130 किमी प्रति घंटे और उसके बाद 160 किमी प्रति घंटे किया जायेगा ।

ऊपरगामी पुल (ROB) / पुल के नीचे की सड़क (RUB) के निर्माण से पार फाटकों को पूरी तरह से बंद किया जायेगा ।

दोहरीकरण, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल,यार्ड रिमॉडलिंग,छोटे स्टेशनों पर लम्बे लूप,सामरिक स्थानों पर सुरंग एवं पुल निर्माण किया जायेगा।

माल गाड़ियों की गति में वृद्धि, शून्य-बेस समय-सारिणी, रेल पटरी नवीकरण, एवं प्रौद्योगिकी का उपयोग करके रेल  डिब्बे और इंजन का वास्तविक समय पर नज़र रखने की भी परिकल्पना की जा रही है ।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आधार पर अलग अलग व्यापार मॉडल का मूल्यांकन  एनआरपी का एक हिस्सा है।इसका इस्तेमाल बेहतरीन रणनीति बनाने के लिए किया जाएगा।

डेटा विश्लेषण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रेलवे बोर्ड के 21 कार्यक्षमता बढाने  के  मापदंड  का हिस्सा  है।

[ IR यात्री और माल व्यापार क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में डेटा उत्पन्न करता है । इस डेटा रेलवे संपत्ति के रखरखाव के क्षेत्र में आईआर, रेलवे के स्वामित्व वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और कुछ मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के साथ उपलब्ध है] 

दक्षिण मध्य रेलवे – आईआर का  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस महाप्रबंधक दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) के नेतृत्व में एक टीम को सौंपा गया है । SCR को IR का  डेटा विश्लेषण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में नामित किया गया है ।

SCR ने इंडियन स्कूल ऑफ बिज़नेस (ISB) कें तकनीकी सहायता से रेलवे की ‘इन – हाउस टैलेंट ‘ को पोषण दिया है।

ISB पहले ही विभिन्न जोनल रेलवे और उत्पादन इकाई  के 87 अधिकारियों को प्रशिक्षित कर चुका है । अधिक इस तरह के अधिकारियों को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

डेटा विश्लेषण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से, मांग अनुसार, ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।

 प्रभावी रूप से क्षमता का उपयोग, मांग की  सटीक  भविष्यवाणी से सेवा की गुणवत्ता  में सुधार , इष्टतम संसाधनों के उपयोग के माध्यम से लागत नियंत्रण किया जाएगा।

 कर्मचारी कौशल  में सुधार, भविष्य में संपत्ति आवश्यकता के सही  योजना के माध्यम से सेवाओं की गुणवत्ता शिकायतों को कम किया जाएगा।

इन उपायों  से भारतीय रेलवे माल ढुलाई और यात्री सेगमेंट में अपनी हिस्सेदारी को बढाकर 45 प्रतिशत  करने की संभावना है। 

क्या है भारतीय रेल योजना 2030 ?

भारतीय रेल योजना 2030 (NRP-2030) रेल नेटवर्क को परिवहन के अन्य साधनों के साथ सामंजस्य बनाने और एकीकृत करने का एक प्रयास है।

 यह पूरे देश में निर्बाध मल्टी मोडल परिवहन नेटवर्क प्राप्त करने के लिए तालमेल बनाता है।

NRP मौजूदा कॉरिडोर की देखभाल करते हुए नए कॉरिडोर और कनेक्शनों की पहचान / विकास करेगा ।

योजना का उद्देश्य एक ऐसी रेल परिवहन प्रणाली  का निर्माण है जो पर्यावरण कुशल, दीर्घकालिक,विश्वसनीय,सुरक्षा और सुविधा के साथ माल और यात्रियों की ढुलाई को आसान कर दे। इसके लिए, भारतीय रेल  ने विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों और व्यापार निकायों सहित सभी हितधारकों से इनपुट मांगे हैं।

राष्ट्रीय रेल योजना 2030 और एकीकृत योजना

एनआरपी का लक्ष्य नई रेलवे लाइनों और नई राजमार्गों को सुरंगों और मेगा-पुलों पर एक साथ बिछाकर परिवहन नेटवर्क की एकीकृत योजना और लागत अनुकूलन करना है ।

इससे पहले, भारतीय रेल  पर योजना एकीकृत योजना पर आधारित नहीं थी। मार्ग सर्वेक्षण जन प्रतिनिधि की मांग के अनुसार किया जाता था। बाद में इनमें से कुछ लाइनों को मंजूरी दे दी जाती थी।

एनआरपी ने सर्वेक्षण शुरू करने से पहले, एक नेटवर्क प्लान  को  अनिवार्य करके इस प्रक्रिया को उलट दिया। नेटवर्क प्लान मौजूदा नेटवर्क में भीड़ को कम, भविष्य में औद्योगिक गलियारों का विकास और देश के पिछड़े क्षेत्रों को जोड़ने  का काम करेगा।

 मौजूदा नेटवर्क में कमियों को दूर करना और विशाल क्षेत्रीय असंतुलन को संबोधित करना भी एनआरपी एजेंडे का हिस्सा है ।

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