कोहरे के मौसम में संरक्षित ट्रेन परिचालन पर विडियो कान्फ्रेन्स

उत्तर मध्य रेलवे के मुख्यालय के बिजली विभाग द्वारा कोहरे के मौसम में संरक्षित ट्रेन परिचालन पर वीडियो कान्फ्रेन्स आयोजित की गयी, जिसमें मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारीगण और तीनों मंडलों (प्रयागराज, झांसी तथा आगरा) के लोको ऑपरेशन के शाखा अधिकारियों ने भाग लिया। कोहरे के मौसम में, जब दृश्यता लगभग शून्य के करीब पहुंच जाती है, उत्तर मध्य रेलवे में संरक्षित ट्रेन परिचालन एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य हो जाता है।


वीडियो कान्फ्रेन्स में कोहरे और ठंड के मौसम में, आवश्यक सावधानियों पर विस्तृत चर्चा और गहन समीक्षा की गयी। मुख्य बिजली लोको इंजीनियर, उत्तर मध्य रेलवे, अनुपम सिंघल ने कोहरे के मौसम के दौरान संरक्षित ट्रेन परिचालन की विकट चुनौती का सामना करने के लिए लोको पायलटों को गहन प्रशिक्षण और समुचित परामर्श दिए जाने पर विशेष बल दिया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए, उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य बिजली इंजीनियर, सतीश कोठारी ने निर्देश दिया कि कोविड 19 को ध्यान में रखते हुये यह अति-आवश्यक है कि, क्रू बुकिंग लाबी एवं रनिंग रुम में सेनिटाईजेशन के साथ-साथ कांटैक्टलेस टेम्परेचर गन द्वारा रनिंग कर्मचारियों का तापमान नापना सुनिश्चित किया जाये।

कोविड.19 से सम्बन्धित प्रोटोकाल/निर्देशों का कड़ाई सें पालन करते हुए अधिकारियों और लोको इंस्पेक्टरों द्वारा लोको रनिंग स्टाफ की राउण्ड-द-क्लाक गहन काउंसलिंग की जाये। उन्होने यह भी निर्देशित किया कि कोहरे के दौरान लोको पायलट द्वारा उपयोग किए जाने वाले फॉग सेफ डिवाइसों का शत-प्रतिशत कार्यरत होना सुनिश्चित किया जाए तथा 1 नवम्बर-2020 तक सभी लोको क्रू को सिग्नल लोकेशन की पुस्तिकाएं वितरित कर दी जायें। लोको पायलटों के आरामदायक ठहरने हेतु रनिंग रूम को हर तरह से तैयार करें जिससे लोको पायलट क्वालिटी विश्राम ले सकें।


आने वाले कोहरे तथा सर्दियों के मौसम के दौरान संरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने हेतु दृढ संकल्प के साथ सम्मेलन सफलतापूर्ण संपन्न हुआ।

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