उमरे  झांसी मंडल : खैरार-अकौना नव निर्मित दूसरी लाइन का संरक्षा निरीक्षण संपन्न

दिनांक 18.06.2026 को उत्तर मध्य रेलवे झाँसी मण्डल द्वारा खैरार एवं अकौना स्टेशनों के मध्य 18.05 किलोमीटर रेलखंड पर रेल संरक्षा आयुक्त (पूर्वोत्तर परिमंडल) श्री प्रणजीव सक्सेना द्वारा दो दिवसीय वैधानिक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा खैरार रेलवे स्टेशन पर संरक्षा अभिलेखों, नवनिर्मित पैनल भवन, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) कक्ष, आईपीएस प्रणाली, स्टेशन वर्किंग रूल, प्लेटफॉर्म क्लियरेंस, सिग्नलिंग व्यवस्था, बैलास्ट, फाउलिंग मार्क, पैनल इंटरलॉकिंग, बैटरी कक्ष, रिले रूम आदि का विस्तृत परीक्षण किया गया। साथ ही स्टेशन मास्टर से परिचालन एवं संरक्षा संबंधी प्रश्न पूछकर उनकी कार्यकुशलता का परीक्षण भी किया गया।

इसके उपरांत रेल संरक्षा आयुक्त ने मण्डल एवं निर्माण संगठन के अधिकारियों के साथ मोटर ट्रॉली द्वारा खैरार एवं अकौना के मध्य नव निर्मित दूसरी लाइन का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ट्रैक, ट्रैक्शन व्यवस्था, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई), सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली, स्विचिंग प्वाइंट्स तथा अन्य संरक्षा संबंधी संस्थापनों की कार्यक्षमता एवं गुणवत्ता की जांच की गई। विभिन्न संस्थापनों को आवश्यकतानुसार संचालित कर उनकी कार्यप्रणाली का परीक्षण भी किया गया।

रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा इचौली रेलवे स्टेशन के निकट स्थित नव स्थापित प्वाइंट संख्या-101 के संचालन एवं कार्य गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त बांदा छोर पर विस्तारित प्लेटफॉर्म का संरक्षा मानकों के अनुरूप निरीक्षण किया गया। स्टेशन स्थित रिले रूम, नवनिर्मित स्टेशन भवन तथा नई रेल लाइन से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं परिचालनिक संस्थापनों का भी गहन परीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

निरीक्षण के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा रेल पुलों, रेल अंडर ब्रिजों, ओएचई संरचनाओं तथा अन्य इंजीनियरिंग परिसंपत्तियों की संरक्षा एवं गुणवत्ता का भी परीक्षण किया गया।

निरीक्षण के प्रथम दिवस रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा अकौना स्टेशन को निरीक्षण की परिधि से पृथक रखते हुए कट एंड कनेक्शन पॉइंट तक नव निर्मित रेल लाइन का वैधानिक निरीक्षण पूर्ण किया गया। यह वही स्थान है जहां नई रेल लाइन को वर्तमान रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

द्वितीय दिवस अर्थात् दिनांक 19 जून 2026 को इसी बिंदु से आगे प्रारंभ किया गया, जिसके अंतर्गत अकौना स्टेशन एवं शेष संरक्षा संबंधी संस्थापनों का विस्तृत परीक्षण किया गया ।

निरीक्षण के दौरान खैरार से अकोना के मध्य नव निर्मित एवं विद्युतीकृत दूसरी रेल लाइन के ट्रैक, संरक्षा व्यवस्थाओं, सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली, ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE), ट्रैक्शन व्यवस्था, स्विचिंग प्वाइंट्स एवं अन्य तकनीकी संस्थापनों का गहन परीक्षण किया गया।

रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा मोटर ट्रॉली से खैरार–अकोना खंड का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ट्रैक की गुणवत्ता, संरक्षा मानकों एवं मार्ग में स्थित विभिन्न इंजीनियरिंग संरचनाओं का अवलोकन किया गया। साथ ही बाया ब्रिज सहित अन्य पुलों एवं रेल परिसंपत्तियों का विस्तृत निरीक्षण कर उनकी कार्यक्षमता एवं संरक्षा का परीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में अकोना स्टेशन का संरक्षा एवं परिचालन दृष्टि से गहन निरीक्षण किया गया। रेल संरक्षा आयुक्त ने स्टेशन पर उपलब्ध संरक्षा व्यवस्थाओं, परिचालन प्रणाली, सिग्नलिंग व्यवस्था एवं यात्री सुविधाओं का अवलोकन किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

अकोना स्टेशन पर रिले रूम, स्टेशन भवन, तकनीकी एवं परिचालन से जुड़े विभिन्न संस्थापनों का निरीक्षण कर उनकी कार्यप्रणाली एवं गुणवत्ता की समीक्षा की गई। स्टेशन पर कार्यरत कर्मचारियों से संरक्षा एवं परिचालन संबंधी जानकारी प्राप्त कर उनकी कार्यकुशलता का भी परीक्षण किया गया।

निरीक्षण उपरांत खैरार–अकोना खंड पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से सफल स्पीड ट्रायल किया गया। इस दौरान रेल ट्रैक, संरक्षा मानकों एवं परिचालन व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। सफल स्पीड ट्रायल इस खंड पर सुरक्षित, सुचारू एवं आधुनिक रेल संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

इस निरीक्षण एवं सफल स्पीड ट्रायल से खैरार–अकोना खंड पर रेल परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर एवं सुरक्षित रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा।इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) श्री राजकुमार वानखेड़े, मंडल रेल प्रबंधक झाँसी श्री अनिरुद्ध कुमार, एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे I

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