संरक्षित और कुशल ट्रेन संचालन पर बल- उत्तर मध्य रेलवे ने सितम्बर – 2020 में कई महत्वपूर्ण कार्यों को किया पूरा

ट्रेन संचालन में संरक्षा और दक्षता बढ़ाने के क्रम में उत्तर मध्य रेलवे निरंतर प्रयासरत है। 130 किमी प्रति घंटे की गति के मुख्य मार्गों वाले उच्चतम धनत्व के नेटवर्क और यातायात की उच्च मात्रा के दृष्टिगत संरक्षायुक्त और निर्बाध ट्रेन संचालन उत्तर मध्य रेलवे के तीनो मण्डलों के लिए अति महत्वपूर्ण है।


सड़क उपयोगकर्ताओं की संरक्षा बढ़ाने के लिए सितंबर 2020 में 03 मानवयुक्त लेवल क्रॉसिंग को बंद कर दिया गया है और, चालू वित्त वर्ष में अब तक 18 लेवल क्रॉसिंगो को बंद किया जा चुका है। प्रयागराज- पं दीन दयाल उपाध्याय खण्ड के समपार स. 123 पर एक रोड ओवर ब्रिज की कमिशनिंग के साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में कुल 04 रोड ओवर ब्रिज के कार्य पूरे किये जा चुके हैं। झांसी मण्डल के सांक-मुरैना खंड पर लेवल क्रॉसिंग गेट नं 445 को सिग्नल के साथ इंटरलॉक किया गया है; वित्त वर्ष 2020-21 में अब तक 05 गेटों को इंटरलॉक किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि गेट बंद होने के बाद ही ट्रेन का सिग्नल लोअर हो। सितंबर -2020 के दौरान, झांसी मण्डल के बिरलानगर रायरू खंड में रोड ओवर ब्रिज स. 426 पर 300 मीटर से अधिक वजन वाले 42 मीटर स्पैन के बो स्टिंग गर्डर लॉन्च करने का एक बड़ा काम सफलतापूर्वक किया गया है।

उत्तर मध्य रेलवे पर ट्रैक संरक्षा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और सितंबर 20 में किए गए 53 ट्रैक किलोमीटर का ट्रैक नवीकरण के साथ कुल 193 ट्रैक किलोमीटर टीआरआर (प्राथमिक) का कार्य 2020-21 में सितंबर तक पूरा किया गया है। प्वाइंटों और क्रॉसिंग ज़ोन पर ट्रेनों की संरक्षा और गति बढ़ाने के लिए, सितंबर 2020 में 06 थिक वेब स्विच स्थापित किए गए हैं और वित्त वर्ष 2020-21 में अब तक 15 थिक वेब स्विच कमीशन किए गए हैं। कोविड -19 के स्थिति के बावजूद अन्य सभी संरक्षा संबंधी ट्रैक रखरखाव कार्यों का निष्पादन भी रेलवे बोर्ड के सितंबर -20 के लक्ष्य से ऊपर रहा है।

ललितपुर और खजुराहो स्टेशनों के मध्य पहले रनिंग लूप में ट्रेनों के तीव्र आगमन और प्रस्थान के लिये गतिसीमा 15 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 30 किमी प्रति घंटे कर दी गई है। यात्रियों की संरक्षा के दृष्टिगत कनवार स्टेशन पर नए फुट ओवर ब्रिज को सितंबर में कमीशन कर दिया गया और अब तक मौजूदा वित्तीय वर्ष में 04 नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा चुका है। सितम्बर 2020 में 03 खंडों में ब्लॉक प्रोविंग एक्सल काउंटर्स (BPAC) की स्थापना के साथ ही प्रयागराज – फतेहपुर खण्ड पूर्ण रूप से BPAC से युक्त हो चुका है, जिससे अब स्टेशन पर ट्रेन के संरक्षित आगमन की स्वचालित पुष्टि सुनिश्चित हो सकेगी।

यात्री गाड़ियों के कुशल संचालन की दिशा में एक प्रमुख कार्य को पूरा करते हुये हरदुआगंज में पैनल इंटरलॉकिंग (पीआई) की स्थापना का कार्य 14.09.20 को पूर्ण किया गया, जिसमें हरदुआगंज यार्ड में अतिरिक्त लाइन स. 9 और 10 के साथ अल्ट्राटेक सीमेंट साइडिंग का प्रावधान भी है। इस महत्वपूर्ण कार्य के पूरा होने के साथ ही एनटीपीसी, अल्ट्राटेक और अन्य उद्योगों के लिए माल ट्रैफिक के कुशल संचालन के लिए पहले के 117 रूटों के स्थान पर इस प्रमुख यार्ड में 163 रूट उपलब्ध हैं। रोलिंग स्टॉक संरक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुये 50 कोचों के मध्यवर्ती ओवरहालिंग (IOH), 29 एलएचबी कोचों का शॉप शेड्यूल (एसएस- I), 31 कोचों का आवधिक ओवरहॉलिंग (पीओएच), 286 वैगनों का नियमित ओवरहॉलिंग (आरओएच) और 667 वैगनों की आवधिक ओवरहॉलिंग (पीओएच) का कार्य सितम्बर -20 के दौरान किया गया।

संरक्षित ट्रेन संचालन के लिए रनिंग और अन्य श्रेणी के कर्मचारियों का कौशल और ज्ञान अपडेशन अत्यंत महत्वपूर्ण है। कोविड -19 के दौर में , सभी तीन मण्डलों में ऑनलाइन प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और अब तक, 1300 से अधिक विद्युत और डीजल आपरेशन से जुड़े कर्मचारियों को ऑनलाइन माध्यम से रेफ्रेशर प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।

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