
पूर्व मध्य रेल ने मिशन रफ्तार के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिल्ली-हावड़ा रूट पर 180 किमी प्रतिघंटे की गति से सफलतापूर्वक स्पीड ट्रायल किया गया। स्पीड ट्रायल पूर्व मध्य रेल दिल्ली-हावड़ा रूट के डीडीयू से प्रधानखांटा तक किया गया ।
इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में डीडीयू-प्रधानखांटा रेलखंड के 294 किमी रेलखंड पर कवच लगाने की प्रक्रिया काफी तीव्र गति से जारी है तथा इस रेलखंड के 93.3 किमी लंबे मानपुर-सरमाटांड रेलखंड पर कवच द्वारा ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ भी कर दिया गया है।
विदित हो कि पूर्व मध्य रेल के विभिन्न रेलखंडों के कुल 4232 किमी पर कवच लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है तथा 1526 किमी पर कवच लगाने का कार्य प्रगति पर है।
डीडीयू-झाझा तीसरी और चौथी रेल लाईन
भविष्य की योजनाओं पर श्री छत्रसाल सिंह, महाप्रबंधक, पूर्व मध्य रेल ने दिनांक 03.04.2026 को कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय जं. (डीडीयू )-झाझा के मध्य लगभग 400 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाईन का निर्माण किया जाना है, जिसमें वर्तमान में डीडीयू से किउल तक तीसरी और चौथी रेल लाईन जबकि किउल से झाझा तक तीसरी रेल लाईन का निर्माण किया जाना है।
इस पूरी परियोजना को कई हिस्सों में बांटा गया है तथा रेलवे बोर्ड द्वारा चरणबद्ध तरीके से इसकी स्वीकृति प्रदान की जा रही है। निर्माण कार्य सुगमतापूर्वक तेजी से पूरा करने के लिए इसे पंडित दीन दयाल उपाध्याय जं.-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल तथा किऊल-झाझा जैसे छोटे-छोटे रेलखंडों में बांटा गया है । विदित हो कि अब तक फतुहा से बख्तियारपुर (24 किमी), बख्तियारपुर से पुनारख (30 किमी) तथा पुनारख से किऊल (50 किमी) तक की स्वीकृति रेलवे बोर्ड द्वारा प्रदान कर दी है । शेष रेलखंडों की स्वीकृति विभिन्न स्तर पर प्रक्रियाधीन है ।
मोकामा पर नया गंगा पुल
मोकामा में गंगा नदी पर राजेन्द्र पुल के समानांतर एक दोहरी लाइन वाली नए पुल का निर्माण किया जा रहा है जिसका कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है तथा जून के मध्य तक इस पर परिचालन प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है । इसके चालू हो जाने से दानापुर और सोनपुर मंडलों में रेल परिचालन में अत्याधिक सुधार होगा ।
साथ ही झाझा-डीडीयू मेन लाइन से इस पुल को जोड़ने के लिए झाझा एवं पटना छोर की दोनों तरफ आरओआर का निर्माण किया गया है जिससे मेन लाइन पर भी ट्रेनों के परिचालन में सुधार आएगा क्योंकि अब मेन लाइन से उत्तर बिहार जाने/आने वाली पैसेंजर या मालगाडियां मेन लाइन को बिना बाधित किए हुए आरओआर से अपने गंतव्य को चली जाएंगी । इस प्रकार इस नए पुल के साथ आरओरआर के चालू हो जाने से ट्रेनों के परिचालन में सुधार आएगा।
