
उत्तर मध्य रेलवे, झांसी मंडल के धौलपुर (एक्स.)–ग्वालियर जंक्शन (इंक्लूसिव), 68.5 रूट किलोमीटर सेक्शन पर ‘मानक कवच’ प्रणाली की पहली सफल कमीशनिंग दिनांक 07 अगस्त 2026 को की गई।

इस परियोजना के अंतर्गत धौलपुर से ग्वालियर तक कुल 68.5 किलोमीटर रेलखंड में 1036 RFID टैग लगाए गए हैं। ये RFID टैग ट्रेन की स्थिति एवं पहचान से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में कवच प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं।

धौलपुर (एक्स.)–ग्वालियर जंक्शन सेक्शन में मानक कवच की यह कमीशनिंग झांसी मंडल में मानक कवच प्रणाली की पहली कमीशनिंग है। इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने में सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग, परियोजना इकाई झांसी तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम के समन्वित प्रयासों से निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप मानक कवच प्रणाली को सफलतापूर्वक कमीशन किया गया।

कवच प्रणाली
मानक कवच एक स्वदेशी Automatic Train Protection (ATP) प्रणाली है, जिसका उद्देश्य मानवीय त्रुटियों की स्थिति में ट्रेन परिचालन की सुरक्षा को बढ़ाना है। यह प्रणाली लोको पायलट को आवश्यक सुरक्षा सहायता प्रदान करते हुए विभिन्न परिस्थितियों में ट्रेन की गति को नियंत्रित करने में सक्षम है।

मानक कवच के प्रमुख सुरक्षा लाभों में शामिल हैं:
- सामने से होने वाली टक्कर (Head-on Collision) से सुरक्षा
- पीछे से होने वाली टक्कर (Rear-end Collision) से सुरक्षा
- रोल-अवे (Roll away) से सुरक्षा
- स्टैंडस्टिल (Standstill) सुरक्षा
- लोको पायलट को सिग्नल एवं परिचालन संबंधी आवश्यक सुरक्षा सहायता
धौलपुर–ग्वालियर सेक्शन में मानक कवच की कमीशनिंग से इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर ट्रेन परिचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता में और वृद्धि होगी।
