
पूर्व मध्य रेल पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल ने दिनांक 17 सितंबर 2026 को विश्वकर्मा पूजा के दिन विद्युत लोको शेड, डीडीयू में 150वें इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव पर स्वदेशी कवच (Automatic Train Protection) प्रणाली की स्थापना का कार्य पूरा किया गया।

इसके साथ ही विद्युत लोको शेड, डीडीयू द्वारा अब तक कुल 150 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में कवच प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक श्री उदय सिंह मीना लोको शेड में उपस्थित रहे और उन्होंने इस उपलब्धि पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी।

भारतीय रेल द्वारा विकसित कवच एक स्वदेशी Automatic Train Protection प्रणाली है, जिसे ट्रेन परिचालन के दौरान रेल संरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्रणाली लोको पायलट को सिग्नल एवं निर्धारित गति के अनुपालन में तकनीकी सहायता प्रदान करती है तथा निर्धारित परिस्थितियों में चेतावनी और स्वचालित ब्रेकिंग जैसी सुविधाओं के माध्यम से ट्रेन परिचालन की संरक्षा को और मजबूत करने में सहायक है।

वर्तमान समय में डीडीयू मंडल के अंतर्गत गंजख्वाजा–भभुआ रोड एवं सासाराम–पहलेजा सेक्शन में प्रतिदिन कवच प्रणाली युक्त लगभग 100 ट्रेनों का आवागमन हो रहा है। इन सेक्शनों में कवच प्रणाली से सुसज्जित लोकोमोटिव के उपयोग के माध्यम से आधुनिक ट्रेन सुरक्षा तकनीक का परिचालन में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो रहा है।

कवच प्रणाली कैसे काम करती है:
कवच एक स्वचालित ट्रेन संरक्षा प्रणाली है, जो लोकोमोटिव, ट्रैक पर लगे उपकरणों तथा स्टेशन और इंटरलॉक्ड रेलवे क्रॉसिंग गेट जैसे स्थिर स्थानों पर लगे उपकरणों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान करती है। यह ट्रेन की गति, स्थिति और सिग्नल संबंधी जानकारी के आधार पर लोको पायलट को चेतावनी देती है तथा निर्धारित परिस्थितियों में स्वतः ब्रेक लगाने में सहायता करती है। इससे सिग्नल पार करने और टक्कर जैसी जोखिमपूर्ण स्थितियों से बचाव में मदद मिलती है।
