
पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल ने 30 जून, 2026 को वीरमगाम–राजकोट–ओखा मुख्य रेलखंड पर 434 किलोमीटर लंबाई में मानक कवच (मानक कवच) प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग कर दिया है।
राजकोट मंडल का संपूर्ण वीरमगाम–राजकोट–ओखा मुख्य रेलखंड अब ब्लॉक सेक्शनों में मानक कवच सुरक्षा प्रणाली से संरक्षित हो गया है। राजकोट मंडल द्वारा मानक कवच प्रणाली के अंतर्गत वीरमगाम–राजकोट–ओखा रेलखंड पर कुल 2,950 ट्रैकसाइड आरएफआईडी टैग स्थापित किए गए हैं, जो कवच 4.0 के मानकों एवं विनिर्देशों के अनुरूप हैं।

इस अवसर पर राजकोट मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री गिरिराज कुमार मीना ने कहा, “वीरमगाम–राजकोट–ओखा रेलखंड पर मानक कवच प्रणाली का सफल कमीशनिंग राजकोट मंडल की संरक्षा यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रथम चरण के इस कार्य के बाद हमारा लक्ष्य दिसंबर 2026 तक पूर्ण विकसित कवच प्रणाली को लागू करना है, जिसके पश्चात यह रेलखंड अत्याधुनिक स्वदेशी सुरक्षा तकनीक से पूर्णतः संरक्षित होकर सुरक्षित एवं दुर्घटनामुक्त रेल परिचालन की दिशा में एक नया मानक स्थापित करेगा।”
मानक कवच प्रणाली का यह कमीशनिंग कवच परियोजना के प्रथम चरण का हिस्सा है। आगामी चरणों में लोकोमोटिव, स्टेशनों तथा सिग्नलिंग प्रणाली के साथ पूर्ण एकीकरण का कार्य किया जा रहा है। राजकोट मंडल में पूर्ण विकसित कवच प्रणाली को दिसंबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कवच प्रणाली
मानक कवच भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक स्वदेशी ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (Train Collision Avoidance System) है, जो संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह प्रणाली आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक और स्वचालित सुरक्षा तंत्र के माध्यम से रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और दक्ष बनाती है।
मानक कवच प्रणाली ब्लॉक सेक्शनों में निम्नलिखित महत्वपूर्ण संरक्षा सुविधाएं प्रदान करती है—
1) आमने-सामने की ट्रेन टक्कर (Head-on Collision) की रोकथाम।
2) पीछे से होने वाली ट्रेन टक्कर (Rear-end Collision) की रोकथाम।
3) अनियंत्रित रूप से ट्रेन अथवा रेल वाहन के खिसकने (Roll-away) से सुरक्षा।
4) खड़ी ट्रेन की सुरक्षा हेतु स्टैंडस्टिल प्रोटेक्शन।
5) किसी असामान्य परिस्थिति में ट्रेन के अचानक रुक जाने पर ऑनबोर्ड कवच प्रणाली द्वारा स्वतः एसओएस अलर्ट का प्रसारण।
