
दिनांक 7 अगस्त 2026 को रेलवे संरक्षा आयुक्त (पश्चिमी परिमंडल) श्री ई. श्रीनिवास द्वारा पश्चिम रेलवे, राजकोट मंडल के 19.537 किमी लंबे आलियावाडा–जामनगर रेलखंड दोहरीकरण का विस्तृत वैधानिक संरक्षा निरीक्षण किया गया।
आलियावाडा–जामनगर नवनिर्मित दूसरी रेल लाइन पर पहली बार 123 किमी/घंटा की रफ्तार से इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव (इंजन) एवं ऑब्जर्वेशन कार के साथ सफल स्पीड ट्रायल किया गया ।

रेलवे संरक्षा आयुक्त ने आलियावाडा–जामनगर रेलखंड पर यात्री रेल सेवाओं के संचालन को संरक्षा स्वीकृति प्रदान कर दी है।इसके साथ ही आलियावाडा–जामनगर 19.537 किमी लंबे ब्रॉडगेज दोहरीकरण रेलखंड का 07 अगस्त 2026 को सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गया।

संरक्षा निरीक्षण, रेलवे प्रशासन द्वारा प्रस्तुत संरक्षा प्रमाणपत्रों तथा रेलवे अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के अनुरूप सभी आवश्यक औपचारिकताओं के संतोषजनक पाए जाने के बाद रेलवे संरक्षा आयुक्त ने इस दोहरीकरण रेलखंड पर सार्वजनिक यात्री सेवाओं के संचालन की अनुमति प्रदान की है।
स्वीकृति के अनुसार नवनिर्मित रेललाइन पर ट्रेनों की अधिकतम सेक्शनल स्पीड आलियावाडा–हापा रेलखंड पर 100 किमी/घंटा तथा हापा–जामनगर रेलखंड की नई डाउन एवं अप मेन लाइन पर 90 किमी/घंटा निर्धारित की गई है।

इसके साथ ही कुल 111 किमी लंबे राजकोट–कानालुस दोहरीकरण परियोजना में अब तक 84 किमी रेलखंड का दोहरीकरण कार्य कमीशन किया जा चुका है। इस दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) श्री प्रदीप गुप्ता, राजकोट मंडल रेल प्रबंधक श्री गिरिराज कुमार मीना सहित निर्माण एवं ओपन लाइन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस दोहरीकरण कार्य से राजकोट–जामनगर–कानालुस मार्ग की लाइन क्षमता में वृद्धि होगी तथा ट्रेनों के अधिक सुगम एवं कुशल संचालन में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही इस महत्वपूर्ण रेलमार्ग पर भविष्य में यातायात की बढ़ती मांग को पूरा करने तथा परिचालनिक दक्षता और विश्वसनीयता को बेहतर बनाने में लाभ होगा।
