
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के संपूर्ण 2430 रूट किलोमीटर नेटवर्क पर कवच प्रणाली लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। संचार अवसंरचना का विकास, ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने, संचार टावरों की स्थापना तथा लोकोमोटिवों में उपकरण फिटमेंट का कार्य निरंतर प्रगति पर है। अब तक 238 लोकोमोटिवों में कवच उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं।

बिलासपुर मंडल में बिलासपुर–रायगढ़ खंड पर कवच कमीशनिंग की दिशा में कार्य प्रगति पर है तथा बिलासपुर–चांपा खंड में फील्ड परीक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुके हैं। नागपुर मंडल में नागपुर–दुर्ग खंड पर SIL-4 कमीशनिंग हेतु साइट परीक्षण एवं लोको ट्रायल जारी हैं। इसी क्रम में 23 जुलाई 2026 को नागपुर रेल मंडल के कलमना–सालवा (25 किलोमीटर) रेलखंड में ब्रेकिंग मोड ऑन के साथ SIL-4 स्तर का कवच ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न किया गया, जिसमें सिग्नल रिस्पॉन्स, स्वचालित ब्रेकिंग, गति नियंत्रण तथा आपातकालीन (SOS) प्रणाली का सफल परीक्षण किया गया। रायपुर मंडल में दुर्ग–मांढर खंड पर भी कवच कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रगति पर है।

कवच कैसे करता है कार्य?
कवच प्रणाली ट्रैक पर स्थापित RFID टैग, यूएचएफ रेडियो संचार, स्टेशन इंटरलॉकिंग एवं ऑनबोर्ड उपकरणों के माध्यम से ट्रेन की स्थिति, गति एवं मार्ग की सतत निगरानी करती है। यह संरक्षित दूरी का निरंतर आकलन करते हुए आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाती है तथा संभावित दुर्घटनाओं को टालती है।

दुर्घटना रोकने में कवच की प्रमुख भूमिका
- कवच निम्न परिस्थितियों में रेल सुरक्षा सुनिश्चित करता है—
- खतरे वाले सिग्नल (SPAD) को पार करने से पहले स्वतः ट्रेन रोकना।
- निर्धारित गति सीमा से अधिक गति होने पर स्वतः ब्रेक लगाना।
- आमने-सामने, पीछे से अथवा साइड से संभावित ट्रेन टक्कर को रोकना।
- आपात स्थिति में स्टॉप ऑन साइट (SoS) संदेश प्रसारित कर आसपास की ट्रेनों को स्वतः नियंत्रित करना।
- लेवल क्रॉसिंग के निकट स्वतः हॉर्न बजाना।
- स्थायी एवं अस्थायी गति प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करना।
- नेटवर्क मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से ट्रेनों की केंद्रीकृत रियल-टाइम निगरानी करना।

दपूमरे नागपूर मण्डल में ‘कवच’ प्रणाली का SIL-4 ट्रायल सफल
दिनांक 23 जुलाई 2026 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपूर रेल मण्डल के अंतर्गत कलमना–सालवा (25 किलोमीटर) रेलखंड में सायं 15:00 बजे से 17:30 बजे तक SIL-4 स्तर का कवच ट्रायल ब्रेकिंग मोड ऑन में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस परीक्षण के दौरान कवच प्रणाली की विभिन्न सुरक्षा सुविधाओं का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा।
परीक्षण के दौरान सिग्नल आस्पेक्ट की पहचान, स्वचालित ब्रेकिंग (ऑटोमैटिक ब्रेकिंग), स्वचालित गति नियंत्रण (ऑटोमैटिक स्पीड कंट्रोल) तथा आपातकालीन SOS प्रणाली (आपातकालीन अलर्ट) का परीक्षण किया गया और सभी परीक्षण संतोषजनक पाए गए।
स्वचालित गति नियंत्रण परीक्षण के दौरान यह परखा गया कि रेलखंडों एवं यार्डों में निर्धारित गति प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित हो। आपातकालीन SOS सुविधा का परीक्षण स्टेशन तथा लोको दोनों स्तरों से किया गया। यदि लोको पायलट रेलखंड में किसी असामान्य या आपात स्थिति को देखता है, तो वह तत्काल SOS अलर्ट (आपातकालीन अलर्ट) जारी कर सकता है। यह अलर्ट निकटवर्ती स्टेशनों एवं आसपास संचालित लोकोमोटिवों तक तुरंत पहुँच जाता है, जिसके बाद आवश्यकता पड़ने पर संबंधित ट्रेनों में स्वचालित ब्रेकिंग की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है। इसी प्रकार यदि स्टेशन मास्टर किसी आपात स्थिति का पता लगाता है, तो वह भी SOS (आपातकालीन अलर्ट) जारी कर सकता है। यह सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा संरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस ट्रायल के दौरान लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, लोको इंस्पेक्टर, उप मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (परियोजना), नागपुर तथा सहायक मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता (परियोजना), नागपुर उपस्थित रहे।
