
भारतीय रेल ने पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के 660 रूट किलोमीटर रेल खंड पर कवच संस्करण 4.0 लगाने के कार्य को मंजूरी प्रदान की है। इस कार्य की अनुमानित लागत 295 करोड़ रुपये है। यह कार्य भारतीय रेल के शेष रेलखंडों पर लॉन्ग-टर्म इवोल्यूशन (LTE) के संचार बैकबोन के साथ कवच की व्यवस्था संबंधी अम्ब्रेला कार्य के अंतर्गत स्वीकृत किया गया है।

इज्जतनगर मंडल में कवच संस्करण 4.0 की व्यवस्था के अंतर्गत मंडल के शेष रेल खंडों को शामिल किया गया है। इन रेलखंडों के अंतर्गत कुल 53 स्टेशन आते हैं। रेल खंड वार स्टेशनों का विवरण निम्नवत है-
कासगंज (छोड़कर)-इज्जतनगर – 12 स्टेशन
इज्जतनगर (छोड़कर)-काठगोदाम – 9 स्टेशन
लालकुआं-रामपुर (छोड़कर) – 5 स्टेशन
लालकुआं (छोड़कर)-काशीपुर – 4 स्टेशन
रामनगर-कटघर – 4 स्टेशन
भोजीपुरा-टनकपुर – 9 स्टेशन
पीलीभीत-शाहजहांपुर (छोड़कर) – 4 स्टेशन
पीलीभीत (छोड़कर)-मैलानी (छोड़कर) – 5 स्टेशन
मंधना जंक्शन (छोड़कर)-ब्रह्मावर्त – 1 स्टेशन
इन रेलखंडों के अंतर्गत कुल 53 स्टेशन शामिल हैं। कवच संस्करण 4.0 की स्थापना से इन रेलखंडों पर ट्रेन परिचालन की निगरानी और संरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
इज्जतनगर मंडल के 660 रूट किमी रेलखंड पर कवच संस्करण 4.0 की व्यवस्था से मंडल की संरक्षा अवसंरचना को और सुदृढ़ता मिलेगी तथा रेल परिचालन की सुरक्षा, विश्वसनीयता एवं दक्षता में वृद्धि होगी।
कवच प्रणाली
भारत में कवच स्वदेशी रूप से विकसित ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, जिसे सिग्नल पास्ड एट डेंजर (SPAD) की घटनाओं तथा रेलगाड़ियों की टक्कर को रोकने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्रणाली रेलगाड़ियों की गति एवं परिचालन की निरंतर निगरानी करती है तथा आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाकर रेलगाड़ी को सुरक्षित नियंत्रित करने में सक्षम है।
कवच प्रणाली रेलगाड़ियों को अधिकतम अनुमेय गति पर सुरक्षित संचालन में सहायता करती है तथा परिचालन विश्वसनीयता को बेहतर बनाती है। साथ ही, घने कोहरे जैसी प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में भी सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने में यह प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
